- बनर्जी से 6 घंटे तक पुलिस ने की पूछताछ, कई सवालों के तलाश रही जवाब
- डेरेक को भेजा दूसरा नोटिस, आज 2 सितंबर को बुलाया
अशोक झा/ कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से अनधिकृत होर्डिंग हटाये जाने के दौरान अधिकारियों के साथ झड़प मामले में मंगलवार को पुलिस ने 6 घंटे तक उनसे पूछताछ की। आज डेरेक को भेजा दूसरा नोटिस देकर बुलाया गया है। पूछताछ के बाद तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ 'राजनीतिक बदले की भावना' से कार्रवाई कर रही है।
होर्डिंग हटाने के लिए भेजे गये थे 1000 लोग : अभिषेक
विपक्षी पार्टी अभिषेक बनर्जी ने पूछताछ के बाद शेक्सपीयर सरणी पुलिस थाना के बाहर संवाददाताओं से बातचीत की। इसमें उन्होंने लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से कार्रवाई की गयी. इसके लिए उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए लगभग 1,000 लोगों को भेजा गया था।
होर्डिंग विवाद में गिरफ्तार लोगों को दी जा रही यातनाएं : सांसद:तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने चुनौती देते हुए कहा- अगर उन्हें लगता है कि वे झूठे मुकदमे दायर करके तृणमूल कांग्रेस को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं. वे अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर लें. उन्होंने आरोप लगाया कि 27 अगस्त की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किये गये लोगों को कई तरह की 'यातनाएं' दी जा रही हैं. हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया।
निजी गार्ड और टीएमसी समर्थकों ने केएमसी की टीम का किया था विरोध: कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी और पुलिस सड़क की ओर बने लोहे के ढांचे पर लगी होर्डिंग को हटाने के लिए अभिषेक बनर्जी के कार्यालय परिसर में पहुंचे थे. इस दौरान झड़प हो गयी थी। आरोप है कि निजी सुरक्षा गार्ड, पार्टी समर्थक और कुछ तृणमूल नेताओं ने होर्डिंग हटाने का विरोध किया और मौके पर पंहुचे पुलिसकर्मियों और नगर निकाय के अधकारियों से हाथापायी की। इसके बाद पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज की और कई लोगों को गिरफ्तार किया।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत नोटिस तो जारी कर दिये गये, लेकिन प्राथमिकी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।
शेक्सपीयर सरणी पुलिस को जवाबी नोटिस भेजा गया है, जिसमें दलील दी गयी कि प्राथमिकी की प्रति ऑनलाइन अपलोड न करना 'यूथ बार एसोसिएशन' मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन है।इस मामले में पुलिस को अदालत की अवमानना की कार्रवाई का करना पड़ सकता है सामना।
डेरेक को भेजा दूसरा नोटिस, 2 सितंबर को बुलाया
पुलिस ने घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद डेरेक को नोटिस भेजकर सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में पुलिस ने उनके घर पर एक और नोटिस भेजा। इसमें उन्हें बुधवार (2 सितंबर) को पेश होने के लिए कहा गया है।
पुलिस ने बतायी कार्रवाई की वजह: कोलकाता पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई झड़प के दौरान लगे विशेष आरोपों के आधार पर की जा रही है। मामलों में नामजद लोगों को नोटिस जारी किये गये हैं।पुलिस ने मामले में सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डालने, मारपीट, अवैध जमावड़ा और महिला पुलिसकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा छेड़छाड़ के प्रयास जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। इसके बाद अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ' ब्रायन, पूर्व विधायक हुमायूं कबीर, वैश्वानर चट्टोपाध्याय और अभिषेक के निजी सहायक सुमित राय को उनके घरों पर नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया।
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