पाक का "नापाक इरादा" आया सामने, जैश ए मोहम्मद कर रहा भारतीय युवाओं का ब्रेनवाश
- पाक आतंकियों की हिट लिस्ट में बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी! अस्थिरता फैलाना बंगाल को अशांत करने की थी प्लानिंग
- शुभेंदु, जंतर-मंतर प्रोटेस्ट…, JeM ऑपरेटिव की साजिश के खुलासे से हड़कंप
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स STF ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।STF का दावा है कि इस गिरोह के तार सीधे पाकिस्तान में बैठे आतंकियों से जुड़े हुए थे। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी इनके निशाने पर थे। पश्चिम बंगाल STF के आईजी गौरव शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि इस मामले में हमीम मंडल (निवासी बर्दवान) और अर्पिता सरकार (निवासी साहिबगंज, झारखंड) को गिरफ्तार किया गया है।मामले की शुरुआत हावड़ा के एक वरिष्ठ मंत्री को मिली रंगदारी की धमकी और उनके बेटे के अपहरण की साजिश की खबर से हुई। जांच के दौरान पुलिस को झारखंड के साहिबगंज से चलाए जा रहे एक संदिग्ध सोशल मीडिया हैंडल का पता चला।जब इस हैंडल की गहराई से जांच की गई, तो बर्दवान में रह रहे हमीम मंडल का नाम सामने आया। हमीम के डिजिटल फुटप्रिंट और व्हाट्सएप-टेलीग्राम चैट की पड़ताल करने पर पता चला कि वह 'राणा', 'आबिद जट', 'उज़ैर' और 'हाद' नाम के कई संदिग्ध हैंडल से लगातार संपर्क में था. यह सभी हैंडल पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में उपद्रव की थी तैयारी: STF प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स हमीम मण्डल को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आने-जाने के रास्ते, उनके काफिले और सुरक्षा में ढील के मौकों पर नज़र रखने की हिदायत दे रहे थे। इसके अलावा, आरोपियों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान गड़बड़ी फैलाने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। इसके लिए हमीम को पुलिस की वर्दी का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे ताकि वे आसानी से भीड़ में घुसकर माहौल बिगाड़ सकें। उन्होंने कहा कि STF ने 30-31 की रात को दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद बर्दवान कोर्ट में पेश किया. पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से स्थानीय लोग शामिल हैं और क्या उन्हें हथियार या वित्तीय मदद भी मुहैया कराई गई थी। पश्चिम बंगाल पुलिस ने अर्पिता सरकार नाम की एक महिला को अरेस्ट किया है। बंगाल एसटीएफ की तरफ से अरेस्ट किए गए जैश ए मोहम्मद के कथित ऑपरेटिव ने सीएम शुभेंदु अधिकारी को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके अलावा खुलासा हुआ है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर गड़बड़ी फैलाने की योजना भी बनाई थी।एसटीएफ के एक सीनियर अधिकारी ने यह सारी जानकारी साझा की है। आईजी स्पेशल टास्क फोर्स गौरव शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान हमिम मंडल के तौर पर हुई है।उसे शुक्रवार को पूर्व बर्धमान से अरेस्ट किया गया था. पूछताछ के लिए उसे रात में कोलकाता लाया गया।प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि जांच में मंडल के पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स से कनेक्शन होने की बात सामने आई है।वह उनके कहने पर काम कर रहा था. शर्मा ने पीटीआई को जानकारी दी के उसके टारगेट पर मुख्यमंत्री भी थे।पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ने हमिम को मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर रखने का काम सौंपा था. उसे उन जगह से जानकारी इकट्ठा करने का काम सौंपा गया था, जहां सीएम बिना सुरक्षा के हो सकते हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में क्या जानकारी आई सामने?
पुलिस की मानें तो शुरुआती जांच में पता चला है कि अधिकारी के अलावा कई पुलिस अधिकारियों को भी इस टेरर मॉड्यूल की तरफ से निशाना बनाया जा रहा था। एसटीएफ का दावा है कि आरोपी ने पहले इंस्टाग्राम पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से संपर्क किया। बाद में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे एनक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए उनसे संपर्क किया।शर्मा ने कहा कि उसके मोबाइल फोन - सोशल मीडिया चैट हिस्ट्री की जांच के दौरान हमें बहुत कुछ परेशान करने वाली जानकारी भी मिली है।
जांचकर्ताओं ने हैंडलर्स की पहचान इन नाम से की, जानें और क्या बताया? :
जांचकर्ताओं ने हैंडलर्स की पहचान राना, उजैर, आबिद जट्ट 333 और हमाद जैसे नामों से की है।इन सभी पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी गिरोह से जुड़े होने के संदेह है। एसटीएफ के आरोप हैं कि यह गिरोह कट्टरपंथ फैलाने, नार्को टेरर एक्टिविटी और चरमपंथी एक्टिविटी के लिए युवाओं की भर्ती में शामिल है।।इसके अलावा पुलिस ने जानकारी दी कि जांच की शुरुआत हावड़ा के एक सीनियर नेता से जबरन वसूली करने और हनी ट्रैप ऑपरेशन के जरिए उनके बेटे का अपहरण करने की साजिश के बारे में जानकारी मिलने पर हुई।इस साजिश के पीछे एक संगठन का हाथ सामने आया. जांच के जरिए साहिबगंज से चल रहे सोशल मीडिया हैंडल तक पहुंचे. इसे अर्पिता नाम की महिला चला रही थी।सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से अधिकारी मंडल तक पहुंचे।दोनों पिछले चार साल से संपर्क में थे।पहले वे इंस्टाग्राम पर जुड़े और बाद में व्यक्तिगत रूप से मिले।एजेंसी का दावा है कि मंडल और सरकार रिलेशनशिप में थे।अब जांच संदिग्ध हनी ट्रैप ऑपरेशन से जुड़ी भी की जा रही है।
एसटीएफ ने झारखंड से एक महिला को भी किया अरेस्ट
पुलिस ने झारखंड की एक महिला को अरेस्ट किया है।पुलिस की मानें तो यह जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध ऑपरेटिव हामिम मंडल से संपर्क में थी, जिसे 30 जुलाई को अरेस्ट किया गया था. महिला का नाम अर्पिता सरकार है।शुक्रवार को झारखंड के साहिबगंज से अरेस्ट किया गया और बंगाल के बर्धमान लाया गया है।अधिकारियों ने जानकारी दी कि जैश ए मोहम्मद के संदिग्ध ऑपरेटिव मोहम्मद हामिम मंडल को गुरुवार को बर्धमान शहर से अरेस्ट किया गया था। अर्पिता सरकार मंडल की करीबी साथी और गर्लफ्रेंड है. वह व्हाट्सएप के जरिए मंडल से संपर्क में थी. जांच के दौरान दोनों की बातचीत हुई थी। इससे जुड़ी चैट बरामद की गई है।एसटीएफ ने बर्धमान शहर के एक हाउसिंग कॉम्पलेक्स में मंडल को उसके किराए के अपार्टमेंट से अरेस्ट किया है. उसपर आईएसआई समर्थित नेटवर्क का हिस्सा होने का संदेह है. इसका काम बीजेपी नेताओं सहित वीआईपी लोगों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा करना, ऑपरेटिव्स की भर्ती करना और राज्य में संभावित आतंकी गतिविधियों के लिए आधार तैयार करना था।
मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी बोले- यह एक संवेदनशील मामला
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया, 'यह एक संवेदनशील मामला है। एसटीएफ और सीनियर पुलिस अधिकारी इस मामले को देख रहे हैं। हो सकता है कि उसके इंटरनेशनल रिलेशन हों. पुलिस इसकी जांच कर रही है।शुरुआती जांच से पता चलता है कि मंडल मुख्यमंत्री अधिकारी की गतिविधियों और उनके काफिले के रास्तों पर नजर रख रहा था। बताया जा रहा है कि कथित तौर पर सरकार ने संदिग्ध मॉड्यूल की गतिविधियों के तहत लोगों को फंसाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले हनी ट्रैप नेटवर्क में अहम भूमिका निभाई।
राजनीतिक हस्तियों की संवेदनशील जानकारी पाने नेटवर्क बनाने की कोशिश: पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हमारी जांच से पता चलता है कि आरोपी ने कुछ राजनीतिक हस्तियों की संवेदनशील निजी जानकारी हासिल करने के लिए एक नेटवर्क बनाने की कोशिश की थी। कथित तौर पर उस महिला का इस्तेमाल संपर्क बनाने और जानकारी जुटाने के लिए किया गया था।
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