- शिव उपासना से सुख-समृद्धि, आरोग्य, वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की प्राप्ति का बनता है योग
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: भगवान शिव का प्रिय माह सावन का पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त 2026 को पड़ रहा है, जो भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद शुभ और विशेष माना जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन, जलाभिषेक और उपवास करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन जीवन में होता है। ज्योतिषियों की मानों, तो इस बार सावन का पहला सोमवार बेहद खास है, क्योंकि इस दिन उत्तराभाद्रपद नक्षत्र और सुकर्मा योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सुकर्मा योग में किए गए शुभ कार्य अवश्य सफल होते हैं। ऐसे में यह दिन शिव पूजा के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है। ऐसे में आइए सावन के पहले सोमवार की संपूर्ण पूजा विधि जानते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर शिवलिंग का अभिषेक करने और प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। इस बार सावन के पहले सोमवार पर बनने वाले शुभ योगों के कारण पूजा का महत्व और भी बढ़ गया है।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन की गई शिव उपासना से सुख-समृद्धि, आरोग्य, वैवाहिक सुख और मनोकामनाओं की प्राप्ति का योग बनता है। सावन सोमवार व्रत पूजा विधि: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार के दिन सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद पास के शिवालय में जाकर शिवलिंग का गंगाजल और शुद्ध जल से अभिषेक करें. फिर कच्चा दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है. अभिषेक के बाद पुनः स्वच्छ जल अर्पित करें. शिवलिंग पर बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं. ध्यान रखें कि बेलपत्र तीन पत्तियों वाला, साफ और बिना टूटा हुआ हो. इसके अलावा धतूरा, आक का फूल, भांग, सफेद चंदन, सफेद पुष्प, अक्षत, जनेऊ, मौसमी फल और मिष्ठान अर्पित किए जा सकते हैं. भगवान शिव को बेलपत्र के साथ शमी पत्र अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप और शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है. पूजा के अंत में भगवान शिव की आरती कर प्रसाद वितरित करें और जरूरतमंदों को दान अवश्य दें. मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया सावन सोमवार का व्रत जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।सावन के पहले सोमवार पर आप शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल अर्पित करें।भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाएं। ध्यान रखें कि बेलपत्र खंडित न हो। शमी के पत्ते अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। इससे प्रभु प्रसन्न होते हैं। भांग और धतूरा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माने जाते हैं, इसलिए इन्हें भी अर्पित किया जा सकता है। एक लोटा दूध और शहद चढ़ाना लाभकारी होता है। इससे जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती हैं।
Sawan First Somwar 2026 - फोटो : adobe
सावन सोमवार पूजा विधिसावन सोमवार की पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थल और शिवलिंग को साफ करें।
भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
अब सबसे पहले शिवलिंग पर शुद्ध जल और गंगाजल चढ़ाएं।
इसके बाद शुद्ध पंचामृत तैयार कर शिवलिंग का अभिषेक करें।
इस समय ॐ नमः शिवाय' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। पंचामृत अभिषेक के बाद दोबारा साफ जल से शिवलिंग का स्नान कराएं। प्रभु को 21 बेलपत्र, भांग, धतूरा, अनाज, फल और शमी के पत्ते चढ़ाएं। आप अक्षत, चंदन और तिल भी अर्पित कर सकते हैं। पार्वती जी को सुहाग सामग्री और भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित कर पूरे शिव परिवार की पूजा करें।
अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें।
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