- चित्रकार सौमनाथ चौधरी ने दावा किया कि ममता बनर्जी ने बनाया नहीं बल्कि उनके जोड़ा फूल और घास की तस्वीर को चुराया
- उन्होंने कहा कि उनसे निशान बनाने को कहा था अजीत पांजा ने
ममता बनर्जी ने पिछले 28 साल से इस निशान का क्रेडिट खुद ले रही थी
अशोक झा/ कोलकाता: कहते है कि जब आपका समय खराब रहता है तो साया भी साथ छोड़ देता है। ऐसा ही कुछ हो रहा है राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ। बंगाल की सियासत में 15 साल तक सत्ता की पहचान करवाने वाला टीएमसी का 'जोड़ा फूल और घास' का निशान आज अस्तित्वहीन नजर आ रहा है। चुनाव आयोग ने टीएमसी में विवाद के बाद पार्टी के निशान को फ्रीज कर दिया और ममता बनर्जी और बागी गुट को अलग-अलग निशान दे दिए। वहीं जोड़ा फूल निशान को लेकर बहस अब भी एकदम गरम है। ममता बनर्जी कई बार दावा कर चुकी हैं कि यह निशान उन्होंने खुद ही अपने पेन से बनाया था। बीते दिनों महुआ मोइत्रा ने भी यही बात दोहराई। लेकिन एक शख्स ने दावा किया है कि ममता बनर्जी ने यह निशान चुरा लिया था। सोमनाथ चौधरी का क्या है दावा:बंगाल के एक चित्रकार सौमनाथ चौधरी ने दावा किया कि उन्होंने जोड़ा फूल और घास की तस्वीर बनाई थी। बाद में टीएमसी ने इसे अपनी पार्टी का निशान बना लिया और उन्हें कोई क्रेडिट भी नहीं दिया गया। ऊपर से ममता बनर्जी ने स्केच पर अपना दावा भी ठोक दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी पिछले 28 साल से इस निशान का क्रेडिट खुद ले रही है। आपको बता दें कि 1997 में कांग्रेस से अलग होने के बाद ममत बनर्जी ने टीएमसी बनाई थी और तभी चुनाव आयोग से यह निशान देने की मांग की थी। चुनाव आयोग ने भी उन्हें जोड़ा फूल और घास का निशान दे दिया। तब से अब तक टीएमसी इसी निशान पर चुनाव लड़ती आई है। पहली हार है जब ममता बनर्जी फुटबॉल खिलाड़ी का निशान दिया गया है।
अजीत पांजा ने निशान बनाने को कहा था: सोमनाथ चौधरी ने कहा, मैंने इस निशान को अपने हाथ से बनाया। मुझे एक रिक्वेस्ट मिली थी और इसके बाद मैंने प्रयास किया। पहले मैंने केवल फूल बनाया। उन्होंने कहा कि अजीत पंजा ने उनसे निशान बनाने को कहा था। बाद में हमसे यह भी पूछा गया कि इसका चार्ज क्या होगा। मैंने कहा कि मैं इसका कोई चार्ज नहीं लूंगा। मुझे पता नहीं था कि इस निशान का क्या होगा। 12 बजे टीवी खोला तो अजीत पंजा, ममता बनर्जी और विपुल राय वही निशान लेकर खड़े थे। यह 2 जनवरी की बात थी। तब टीएमसी बनाई गई थी। हमने दोस्तों को फोन करके बताया कि मेरे निशान को पार्टी ने लिया है।सोमनाथ चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी ने जब लोगों के सामने कहा कि यह निशान उन्होंने बनाया है तभी उन्होंने अजीत पांजा को फोन लगाया। उन्होंने बाद में कॉल बैक करके कहा, मैंने तो ऐसा किया नहीं है। वह तो ऐसे ही हैं बिना किसी से पूछे कुछ भी बोल देती हैं। चौधरी ने कहा, मुझे बहुत खुशी हुई कि निशान फ्रीज हो गया।
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