प्रोड्यूसर रजनीश डी.के जैन, सिंगर दिव्या कुमार कड़ी मेहनत लाई रंग
प्रयागराज करीब 8-9 महीने पुरानी बात है। ‘वंदे मातरम् को लेकर राजनीति मुद्दा गर्माने लगा था। तभी सोशल मीडिया से जुड़े तीन फ्रेंड्स ने तय किया कि वंदे मातरम् पर कोई ऐसा गीत लाना चाहिए, जिसमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना निहित हो। सौहार्द का संदेश हो।‘जो बोले सो निहाल-वंदे मातरम् गीत से बतौर प्रोड्यूसर जुड़े रजनीश डी.के जैन बताते हैं कि उन्होंने अपने फ्रेंड लेखक और पत्रकार अमिताभ बुधौलिया और मशहूर संगीतकार ख्य़ाम साहब के सहायक रहे राज शर्मा के साथ इसे लेकर विचार-विमर्श किया। राज शर्मा बताते हैं कि हम ऐसा गीत बनाना चाहते थे, जिसे आम जन भी सुर से सुर मिलाकर गा सके। जैसे लोग किशोर कुमार के गाने सरलता से गा पाते हैं। साथ ही इसे मधुरता से निभाना भी चाहते थे। शर्मा जी बताते हैं कि उन्होंने अपने मित्र कश्यप वोरा को लिरिक्स सुनाए। वोरा जी रवींद्र जैन के सहायक रहे हैं। उन्होंने इस गीत को संगीत से सजाया। रजनीश के मुताबिक, गीत की धुन तैयार होते ही इसके गायक को लेकर लंबी बहस चली। पहले गीत को महिला गायक के हिसाब से लिखा गया था, लेकिन बाद में चर्चित प्लेबैक सिंगर दिव्या कुमार के जुड़ने पर बोल में परिवर्तन किया गया।अमिताभ बुधौलिया बताते हैं कि गीत में कुछ शब्द संस्कृत के रखे गए हैं। इसका उद्देश्य यही है कि लोग अपनी संस्कृति-भाषा से भी जुड़ें, उनका लगाव पैदा हो। उनके मुताबिक, शब्द गीत के प्राण होते हैं और गीत तभी जीवंत बन सकता है, जब उसमें भाव प्रधान शब्द हों। इसलिए गाने में ऐसे शब्दों को प्रयोग किया गया, जो राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत कर सकें। रजनीश के मुताबिक, गीत टी-सीरिज ने रिलीज किया है और उम्मीद है कि हर भारतीय को यह गीत पसंद आएगा।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/