- हमलावर जवान हिरासत में मामले में जुटी पुलिस और विभाग
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल के मालदा बांग्लादेश बॉर्डर से बड़ी खबर सामने आ रही है।इंटरनेशनल बॉर्डर से लगते पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के मुख्यालय में एक जवान ने अपने ही साथियों पर फायरिंग कर दी। इसमें दो जवानों की मौत मौके पर ही हो गई। एक को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है। फायरिंग में 71वीं बटालियन के दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों की पहचान 51 वर्षीय अजय कुमार सिंह और 37 वर्षीय अंबादास (अंबादर) सुरेश दुर्गु के रूप में हुई है. अजय कुमार सिंह बिहार के सारण (छपरा) जिले के मांझी क्षेत्र के निवासी थे, जबकि अंबादास सुरेश दुर्गु महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के रहने वाले थे। दोनों लंबे समय से बीएसएफ में सेवाएं दे रहे थे। घटना में 44 साल के जवान विकास वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। बीएसएफ के मालदा सेक्टर के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि घटना के कारणों, गोलीबारी के क्रम और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए बल ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। बताया जा रहा है इस सनसनीखेज घटना में BSF के दो जवानों की मौत हो गई, जबकि एक को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. BSF के सेक्टर हेडक्वार्टर में गोलबारी की घटना से आलाधिकारियों के भी होश उड़ गए। आनन-फानन में घायल जवान को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गोलीबारी की घटना में मारे गए दोनों जवानों के साथ ही आरोपी जवान की भी पहचान हो गई है। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सेक्टर मुख्यालय में हुई गोलीबारी की एक गंभीर घटना में दो जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि बीएसएफ के ही एक जवान ने अपने साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। घटना के बाद आरोपी जवान को हिरासत में ले लिया गया है। बीएसएफ और स्थानीय पुलिस ने मामले की अलग-अलग जांच शुरू कर दी है। यह घटना मालदा जिले के बैष्णवनगर स्थित 17 माइल सेक्टर मुख्यालय में हुई। जहां बीएसएफ की 119वीं और 71वीं बटालियन के मुख्यालय स्थित हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 119वीं बटालियन के जवान शिवम मिश्रा ने 71वीं बटालियन के उन जवानों पर गोली चला दी, जो उस समय कैंप के भीतर आराम कर रहे थे। गोलीबारी से पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।दो जवानों की मौके पर मौत
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के निवासी हैं. उन्हें तत्काल मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं, दोनों मृत जवानों के शव भी पोस्टमार्टम के लिए इसी अस्पताल भेजे गए. घटना की सूचना मिलते ही बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की निगरानी की।
हिरासत में आरोपी जवान: आरोपी जवान शिवम मिश्रा को घटना के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जांच में गोलीबारी के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। हालांकि, बीएसएफ सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, शिवम मिश्रा का अनुशासनहीनता का पुराना रिकॉर्ड रहा है। बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले भी उसने अपने साथियों पर गोली चलाई थी, जिसके बाद बीएसएफ अधिनियम के तहत उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में उसकी सजा की अवधि समाप्त हुई थी और उसे घर भेजने की तैयारी चल रही थी। हालांकि अधिकारियों ने यह पुष्टि नहीं की है कि पिछली अनुशासनात्मक कार्रवाई का इस घटना से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
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