-3 से 6 सितंबर तक शताब्दी समारोह मनाने का सरकार ने लिया निर्णय
- कई और महत्वपूर्ण उठाए जाएंगे कदम, बंगला फिल्म जगत को मिलेगा उड़ान
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने प्रख्यात बांग्ला अभिनेता उत्तम कुमार की 47वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को दक्षिण कोलकाता स्थित केवड़ातला श्मशान घाट पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर सितंबर में उनकी जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में विभिन्न समारोहों के आयोजन किए जाने की घोषणा की। कौन थे उत्तम कुमार: भवानीपुर के एक साधारण परिवार के लड़के अरुण कुमार चटर्जी की 'उत्तम कुमार' बनने की कहानी बंगाली सिनेमा का एक सुनहरा अध्याय है। हालांकि उन्हें शुरुआत में 'फ्लॉप फिल्मों का महारथी' कहा जाता था, लेकिन 1953 में सुचित्रा सेन के साथ आई फिल्म 'साढ़े 74' के बाद उन्होंने अपने अदम्य दृढ़ संकल्प और अभिनय कौशल से बंगाली सिनेमा का स्वर्णिम युग रच दिया। सत्यजीत रे की फिल्मों 'नायक', 'एंथोनी फिरंगी', 'झिंदर बंदी' और 'सप्तपदी' जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय का जो मानक स्थापित किया, वह आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस अवसर पर केओरतला श्मशान घाट में उनकी प्रतिमा एवं स्मारक पट्टिका पर माल्यार्पण करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
महानायक के मार्ग का करें अनुसरण:
शुभेंदु अधिकारी ने कहा- सांस्कृतिक जगत में ऐसे अनेक लोग हैं, जो आज भी महानायक के मार्ग का अनुसरण करना चाहते हैं।अधिकारी ने कहा- हमने यह निर्णय लिया था कि हम उन्हें हृदय से याद करेंगे और उनके अंतिम संस्कार स्थल पर उनके बारे में चर्चा करेंगे। यह पहल परिवार की अनुमति से की गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये सभी विकास कार्य और समारोह महानायक के परिवार की पूर्ण अनुमति और सहमति से ही संपन्न किए जाएंगे।
उत्तम के नाम पर बनेगा एक नया 'फिल्म केंद्र': मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार सांस्कृतिक जगत के कई कलाकारों ने मुझसे नायक का जन्मदिन भव्य तरीके से मनाने का अनुरोध किया। इसलिए, हमने 3 से 6 सितंबर तक शताब्दी समारोह मनाने के लिए विशेष तैयारियां करने का निर्णय लिया है। प्रख्यात अभिनेत्री और आर्टिस्ट फोरम की सदस्य रितुपर्णा सेनगुप्ता इस कार्यक्रम में उपस्थित थीं। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए हैं। उत्तम कुमार के नाम पर स्थापित फिल्म केंद्र: महान नायक की स्मृति में और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उनके नाम पर एक नया 'फिल्म केंद्र' बनाया जाएगा।
मंच का अच्छा नवीनीकरण: कोलकाता नगरपालिका द्वारा संचालित पारंपरिक 'उत्तम मंच' के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी ली गई है।
तैयारी समिति का गठन: नंदन या रवींद्र सदन में एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें स्वयं शुभेंदु अधिकारी मुख्य अतिथि होंगे। वहीं से जन्म शताब्दी समारोह के लिए मुख्य तैयारी समिति का गठन किया जाएगा।
बंगाली सिनेमा के गौरव
बंगाली सिनेमा के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए रुद्रनील घोष ने कहा-हमारे बंगाली सिनेमा का एक स्वर्णिम युग था, लेकिन अतीत में कई ऐसी घटनाएं घटी हैं, जिन्होंने उस गौरव को धूमिल कर दिया है। विशेष रूप से पिछली सरकार के कार्यकाल में, बंगाली सिनेमा उद्योग का गौरव काफी हद तक धूमिल हो गया था। उन्होंने आगे कहा- हमें उत्तम कुमार के जीवन और कार्यों से हर क्षण बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
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