- पीएम मोदी की अपील मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की पहल आया काम
- शांति... सिर्फ शांति ही मेरा एकमात्र रास्ता है', सोनम वांगचुक ने पोस्ट के जरिए कह दी बड़ी बात; जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर क्या बोले?
- पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट और नए कानून के आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, क्या अब खत्म हो जाएगा प्रदर्शन?
अशोक झा/ नई दिल्ली:
आखिरकार पेपर लीक मामले में जंतर मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने देर रात गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। बातचीत के बाद वांगचुक ने रात्रि 1.10 मिनट पर अपना अनशन तोड़ दिया है।सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे। देश में हिंसा टालने और ठोस आश्वासनों के बाद लिया फैसला'
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने मीडिया को बताया कि यह निर्णय केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई लंबी वार्ता और कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर मिले ठोस आश्वासनों के बाद लिया गया है। वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे देश के किसी भी हिस्से में किसी भी तरह की हिंसा या अशांति की आशंका को समाप्त करना चाहते थे। इसी जनहित और शांति को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने उपवास खत्म करने का फैसला किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने तमाम समर्थकों और युवाओं से अपील की कि वे अपनी आवाज़ को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक दायरे में रहकर ही उठाएं।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल जाकर वांगचुक से मुलाकात की थी. इसके बाद नड्डा ने जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म कराया। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर थे।सोनम वांगचुक ने ट्वीट किया, "केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख के सीनियर लीडर की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26वें दिन अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। मैंने एक लंबे नेगोशिएशन और कई शर्तों के साथ अपनी हड़ताल खत्म की है।मैं सारी जानकारी एक अलग वीडियो में जल्दी ही शेयर करूंगा।
दोनों मंत्रियों ने सोनम वांगचुक से की मुलाकात:
दोनों मंत्रियों ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार के सख्त स्टैंड से सोनम वांगचुक को अवगत कराया. उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गुनहगारों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. इसके लिए सरकार मौजूदा संसद सत्र में एक बिल लाने जा रही है।इसके साथ ही पेपर लीक मामले में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का भी इंतजाम किया जा रहा है।
अपना अनशन खत्म करने का किया अनुरोध:
मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से अनुरोध किया कि वे अपना अनशन खत्म कर दें।।सरकार उन्हें आश्वासन को हर हाल में पूरा करेगी. उनके अनुरोध और भरोसे के बाद सोनम भी मान गए. उन्होंने जेपी नड्डा के हाथों से अस्पताल में बना सूप पीकर अपना 26 दिनों से चला आ रहा अनशन तोड़ दिया और कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मेदांता अस्पताल पहुंचे केंद्रीय मंत्री, हुई अहम बातचीत
इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में शिफ्ट किया गया था, जहां देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे. मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक की सेहत का जायजा लिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा. वांगचुक ने सरकार के सामने मांग रखी थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई पुलिस या कानूनी कार्रवाई न की जाए, साथ ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा और संसद में इस विषय पर ठोस चर्चा हो.
संसदीय चर्चा और सुरक्षा के आश्वासन पर तोड़ा उपवास
केंद्रीय मंत्रियों द्वारा मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया. जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में पेपर लीक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर निकाला जाएगा. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार वांगचुक के स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है और उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स फिलहाल स्थिर बने हुए हैं।सोनम वांगचुक सोशल और एनवायरमेंट एक्टिविस्ट, इनोवेटर, टीचर और साइंटिस्ट हैं. उनका जन्म 1966 में लेह जिले के अल्ची के पास, लद्दाख में हुआ था. उनके गांव में स्कूल न होने के कारण 9 साल की उम्र तक उनका किसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ. 9 साल की उम्र में उन्हें श्रीनगर ले जाया गया और वहां एक स्कूल में दाखिला दिलाया गया. बाद में दिल्ली के विशेष केंद्रीय स्कूल में भी उन्होंने पढ़ाई की. इसके बाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया।इंजीनियरिंग के बाद वांगचुक ने साल 1988 में अपने भाई और पांच साथियों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी SECMOL की शुरुआत की. SECMOL ने 'ऑपरेशन न्यू होप' की शुरुआत की. इसके तहत सरकारी स्कूलों में एजुकेशन रिफॉर्म और लोकलाइज्ड टेक्स्टबुक्स, टीचर्स की ट्रेनिंग और गांव-स्तरीय शिक्षा समितियों के गठन की पहल शुरू की गई।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/