- बिहार से बांग्लादेश तक फैला है तार, कई और की तलाश
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अपराध अन्वेषण विभाग (CID) ने हथियारों की तस्करी के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। इस अभियान के तहत उत्तर 24 परगना जिले में एक महिला को गिरफ्तार कर उसके पास से हथियार और कम से कम 200 कारतूस बरामद किये हैं। इसे इलाके के लोग रिवाल्वर रानी के रूप में जानते है। हथियार तस्करी का पूरा खेल पड़ोसी राज्य बिहार से सीमा पार बांग्लादेश तक जुदा है। पकड़ी गई महिलादेखने में किसी भी आम यात्री जैसी लगने वाली इस महिला के जूट के झोले से पुलिस ने कई पिस्टल और सैकड़ों कारतूस बरामद किए हैं। इस मामले के तार बिहार के मुंगेर से लेकर बांग्लादेश तक जुड़े होने की बात सामने आ रही है।चुनावों के बाद के संवेदनशील माहौल के बीच हथियारों की इस बड़ी खेप के पकड़े जाने के बाद राज्य सीआईडी ने एक डीआईजी (DIG) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। एसआईटी इस बात की भी जांच कर रही है कि इन हथियारों का असली ठिकाना क्या था और क्या इनका इस्तेमाल सीमावर्ती जिलों में संगठित अपराध या राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के लिए किया जाना था।
इस बीच, सोशल मीडिया पर भी इस गिरफ्तारी की काफी चर्चा हो रही है। स्थानीय भाजपा नेता राकेश सिंह ने एक्स पर 'रिवॉल्वर रानी' की गिरफ्तारी की सराहना करते हुए इसे "बंगाल पुलिस की बड़ी कार्रवाई" बताया है। फिलहाल पूजा बिस्वास पुलिस हिरासत में है और एसआईटी की जांच का दायरा उत्तर 24 परगना से लेकर अंतरराज्यीय सीमाओं तक फैल गया है।
कैसे बिछाया गया 'रिवॉल्वर रानी' के लिए जाल?
सुबह नैहाटी-अशोकनगर रोड पर यह महिला आम यात्रियों की भीड़ में चल रही थी। सूती सलवार सूट पहने और सिर पर दुपट्टा रखे इस महिला के एक हाथ में जूट का झोला था और दूसरा झोला कंधे पर टंगा था। किसी को उस पर शक नहीं था, लेकिन सीआईडी और पुलिस की टीम गुपचुप तरीके से उसकी हर हरकत पर नजर रखे हुए थी। महिला एक स्थानीय 'मैजिक' वैन में सवार हुई। जैसे ही वैन उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर इलाके में जंक्शन नंबर 8 के पास पहुंची, पुलिस ने उसे रोक लिया और यहीं से महिला का असली चेहरा सबके सामने आ गया।
झोले से मिला हथियारों का बड़ा जखीरा:जब पुलिस ने महिला के साधारण से दिखने वाले जूट के झोलों की तलाशी ली, तो उसमें हथियारों की एक बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने झोले से बरामद किया-6 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल (जिनमें से चार 7mm और दो 9mm की हैं, जिन पर स्टार लोगो बना है)
12 मैगजीन,7.6mm के 200 जिंदा कारतूस
12,000 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन
कौन है हथियारों की तस्करी करने वाली यह 'रिवॉल्वर रानी'?: पुलिस की गिरफ्त में आई इस महिला का नाम पूजा बिस्वास है। वह हाबड़ा नगर पालिका के वार्ड नंबर 12 की रहने वाली है। पुलिस के मुताबिक, पूजा हथियारों की तस्करी में कोई नई नहीं है, बल्कि वह बड़े सिंडिकेट्स के लिए एक भरोसेमंद 'कैरियर' यानी हथियार पहुंचाने वाली के तौर पर काम करती है।पहले पति से तलाक और बेटी की शादी के बाद, पूजा पिछले करीब 5 सालों से इस अवैध धंधे में जुड़ी हुई है। साल 2023 में भी दत्तपुकुर पुलिस ने उसे एक यात्री बस से लगभग ऐसे ही हालात में गिरफ्तार किया था। जेल से छूटने के बाद वह तुरंत फिर से हथियारों की तस्करी में लग गई। सीआईडी प्रमुख नटराजन रमेश बाबू के मुताबिक, पुलिस को चकमा देने और शक से बचने के लिए तस्कर हमेशा महिला 'कैरियर' का इस्तेमाल करते हैं। बिहार के मुंगेर से लेकर सीमा पार बांग्लादेश तक है कनेक्शन: शुरुआती पूछताछ में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के बॉर्डर पार (बांग्लादेश) से भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच में पता चला है कि ये हथियार बिहार के मुंगेर से लाए गए थे और इनका कनेक्शन जमालपुर ऑर्डनेंस फैक्ट्री से हो सकता है। माना जा रहा है कि इन हथियारों को सड़क के रास्ते पश्चिम बंगाल लाया जाता था और फिर बनगांव जैसे सीमावर्ती इलाकों से होते हुए बांग्लादेश तस्करी के लिए भेजा जाता था। पूजा के पास से जमालपुर का एक ट्रेन टिकट भी मिला है, जिसने बिहार कनेक्शन को और पुख्ता कर दिया है। सीआईडी अब बैच नंबर ट्रेस करने के लिए बिहार पुलिस और फैक्ट्री अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
इस धंधे में कपडा कारोबारी पति भी है शामिल!
जांच में यह बात भी सामने आई है कि पूजा अपने मौजूदा पति नीलरतन के साथ मिलकर यह काम कर रही थी। नीलरतन गोपालनगर थाना क्षेत्र में रहता है और वहां कपड़ों का कारोबार करता है। पुलिस का मानना है कि कपड़ों का यह कारोबार सिर्फ एक दिखावा है, जिसकी आड़ में अवैध हथियारों का व्यापार किया जा रहा था। फिलहाल नीलरतन फरार है और पुलिस सरगर्मी से उसकी तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के खरीदारों का सुराग मिल सकता है।
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