- वर्ल्ड कप से रोते हुए विदा हुआ फुटबॉल का 'जादूगर', फाइनल में लियोनेल मेसी नहीं दिखा पाए करामात
- फीफा वर्ल्ड कप हारते ही छलक पड़े मेसी के आंसू, स्पेन की जीत के बाद भावुक कर देने वाला पल
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल में फुटबॉल और लियोनेल मेसी के लोग ऐसे दीवाने है कि फीफा विश्व कप के लिए पूरी रात जागते रहे। शहर का कोई भी मैदान ऐसा नहीं था जहां बड़े स्किन एर मैच ना देखा जा रहा हो। स्वयं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विश्वकप फुटबॉल के लिए सभी मंत्री और विधायक को अपने अपने क्षेत्र में समुचित व्यवस्था करने को कहा था। फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन ने डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को एक्स्ट्रा टाइम में 1-0 से पराजित किया। इस निर्णायक मैच का एकमात्र गोल 106वें मिनट में फेरान टॉरेस ने किया। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का सफर स्पेन के चैंपियन बनने के साथ ही थम गया। फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर स्पेन ने खिताब पर कब्जा किया। स्पेन की इस जीत के हीरो फेरन टॉरेस रहे, जिन्होंने मैच का इकलौता गोल किया।फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में अर्जेंटीना को स्पेन से मिली हार के बाद दिग्गज लियोनल मेसी फफक कर रो पड़े। 39 साल के मेसी के लिए ये करियर का आखिरी विश्व कप था, लेकिन वह अपनी टीम को चैंपियन नहीं बना पाए।फीफा विश्व कप 2026 का फाइनल अर्जेंटीना और स्पेन के बीच न्यू जर्सी के स्टेडियम में खेला गया। इस दौरान स्टेडियम में लियोनेल मेसी के हजारों समर्थक बैठे थे। इसके अलावा दुनिया के कोने-कोने में देर रात टीवी के आगे नजरें गड़ाये बैठे करोड़ों प्रशंसकों की जुबां पर एक ही नाम था।वह नाम लियोनेल मेसी का था, लेकिन विश्व कप में सुनहरे सफर के आखिरी पड़ाव पर उनका चहेता यह सितारा बेनूर हो गया। खेल के 106वें मिनट में फेरान टोरेस के गोल के दम पर स्पेन ने अर्जेंटीना को हराकर अपना दूसरा विश्व कप खिताब जीता, जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने से चूक गई। दक्षिण अमेरिकी धुरंधर से छिनकर यूरोपीय दिग्गज ने विश्व फुटबॉल की बादशाहत पर कब्जा कर लिया। ब्राजील (1958 और 1962) के बाद लगातार दो खिताब जीतने वाली पहली टीम बनने का सपना लेकर फाइनल में उतरी थी अर्जेंटीना। मेसी लगातार दूसरी बार चैम्पियन नहीं बन सके।
आखिरी सीटी बजने पर उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर निराशा को सभी ने देखा। एक तरफ स्पेन के खिलाड़ी जश्न मना रहे थे तो दूसरी तरफ मेसी और उनकी टीम स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर अर्जेंटीना के समर्थकों को धन्यवाद दे रही थी और शायद माफी भी मांग रही थी।अर्जेंटीना को फ्रांस के खिलाफ 2022 विश्व कप में खिताबी जीत और दो बार कोपा अमेरिका खिताब दिलाने में सूत्रधार रहे मेसी स्पेन का गोल होने के बाद सिर झुकाये और कमर पर हाथ रखकर स्तब्ध खड़े रहे। बार्सीलोना और पेरिस सेंट जर्मेन के साथ 12 लीग और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीतने के बाद मेसी ने जब यूरोपीय फुटबॉल से विदा लेकर तीन साल पहले एमएलएस का रूख किया तो लोगों को लगा कि वह रिटायर होकर अमेरिका में बस जायेंगे।अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी इस बार न तो खिताब जीत पाए और न ही गोल्डन बूट पर कब्जा कर सके। फ्रांस के कीलियन एम्बाप्पे ने गोल्डन बूट अपने नाम किया है और वे लगातार दो विश्व कप में 'गोल्डन बूट' जीतने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए।
वहीं, टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में मिलने वाला 'गोल्डन बॉल' अवॉर्ड भी लियोनेल मेसी को नहीं मिला। इस पर स्पेन के कप्तान रौड्री ने कब्जा जमा। स्पेन ने अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना तोड़ा और उसके कप्तान रौड्री ने मेसी को व्यक्तिगत पुरस्कार से भी वंचित कर दिया। सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर का 'गोल्डन ग्लव' पुरस्कार टूर्नामेंट में महज एक गोल खाने वाले स्पेन के युनाइ सिमोन ने जीता, जबकि स्पेन के ही पाउ कुबारासी ने अपनी ही टीम के लामिन यमाल को पछाड़कर सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार हासिल किया। लेकिन वह एक बार फिर अर्जेंटीना को विश्व कप फाइनल तक ले गए जिनमें उनके खाते में आठ गोल आये और चार में वह सहायक रहे। विश्व कप में उनके 21 गोल हो गए हैं और शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे (22 गोल) के आगे निकलने तक वह शीर्ष पर थे। तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले पहले खिलाड़ी मेसी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं और वह सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो (146) से पीछे हैं।पूरे मैच में रहा स्पेन का दबदबा
मैच के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे मुकाबले में स्पेन का एकतरफा दबदबा देखने को मिला। स्पेन ने 68% बॉल पसेशन अपने पास रखते हुए कुल 803 पास पूरे किए, जबकि अर्जेंटीना की टीम केवल 32% पसेशन और 445 पास ही बना सकी। अटैकिंग फ्रंट पर भी स्पेन ने गोल करने के कुल 20 प्रयास किए, जिनमें से 11 शॉट्स ऑन टारगेट थे जबकि अर्जेंटीना पूरे मैच में केवल 3 शॉट्स ही ले पाई और एक भी शॉट टारगेट पर नहीं रख सकी। मुकाबले में आक्रामकता और फाउल्स की भी भरमार रही, जहां स्पेन ने 21 फाउल्स किए लेकिन उन्हें एक भी येलो कार्ड नहीं मिला, वहीं अर्जेंटीना ने 24 फाउल्स किए और उनके खिलाड़ियों को 5 येलो कार्ड (और एंजो फर्नांडीज को रेड कार्ड) का सामना करना पड़ा।
हाफ टाइम तक नहीं हुआ था एक भी गोल
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के इस महामुकाबले में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच पहले हाफ का खेल बेहद रोमांचक और रक्षात्मक रणनीति से भरा रहा, जिसके चलते स्कोरलाइन 0-0 की बराबरी पर रही। हालांकि, मैच के पहले हिस्से में स्पेन की टीम पूरी तरह हावी दिख रही थी। स्पेन ने 64% बॉल पजेशन के साथ खेल पर अपना नियंत्रण बनाए रखा, जबकि अर्जेंटीना के पास केवल 36% पजेशन ही रहा। इतना ही नहीं, स्पेन की तरफ से गोल करने की कोशिशों में 3 शॉट्स (जिसमें 1 शॉट ऑन टारगेट शामिल है) दागे गए, जबकि अर्जेंटीना की टीम पहले हाफ में स्पेन के डिफेंस को भेदने में नाकाम रही और एक भी शॉट नहीं लगा सकी।
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