- उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनुराग धनखड़ 1994 बैच के आईपीएस थे
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में मृत पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ का यह सुसाइड है हत्या यह जांच का विषय है। अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस मुखिया डीजीपी अनुराग धनखड़ का शव उन्हीं के ऑफिस में मिला। घटना के बाद उन्हें तुरंत जीबीपी (गोविंद बल्लभ पंत) अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले को संदिग्ध आत्महत्या मानकर जांच कर रही है।अनुराग धनखड़ मूल रूप से यूपी के बागपत के रहने वाले थे।फोरेंसिक टीम और सीनियर पुलिस अधिकारियों ने जांच के तहत घटनास्थल का मुआयना शुरू कर दिया है। जांच जारी: पुलिस ने अभी तक उन हालातों का खुलासा नहीं किया है जिनकी वजह से यह घटना हुई। अधिकारियों का कहना है कि सभी एंगल से जांच की जा रही है और जांच आगे बढ़ने के बाद ही ज्यादा जानकारी सामने आएगी। खबर लिखे जाने तक कोई सुसाइड नोट या घटना के बारे में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
कौन थे IPS अनुराग धनखड़?अनुराग धनकर एक अनुभवी आईपीएस अधिकारी थे। 1994 बैच के इस अधिकारी ने 30 साल से ज्यादा समय तक त्रिपुरा पुलिस कई केंद्रीय एजेंसियों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। मई 2025 में उन्हें त्रिपुरा का डीजीपी नियुक्त किया गया था, जबकि इससे पहले वे राज्य के खुफिया विभाग के प्रमुख भी रह चुके थे। धनकर ने सीबीआई, बीएसएफ, सीआईएसएफ संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में भी सेवाएं दी थीं। सीबीआई में रहते हुए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के आरोपी नीरव मोदी से जुड़े मामले की जांच का नेतृत्व किया था। इसके अलावा उन्होंने सीबीआई में एसपी, डीआईजी, संयुक्त निदेशक अतिरिक्त निदेशक जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया। वहीं, सीआईएसएफ में भी वे महानिरीक्षक (कार्मिक) की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। उन्होंने गृह मंत्रालय के अधीन 1984 के सिख विरोधी दंगों की विशेष जांच टीम के अध्यक्ष का पद भी संभाला था।
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