अदालत ने कहा जबतक पूरा फैसला नहीं आता विरोधी दल नेता के रूप में काम करेंगे ऋतब्रत बनर्जी
अशोक झा/ कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के मामले में झटका लगा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को विधानसभा स्पीकर के फैसले पर रोकने लगाने से मना कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष के तौर पर मान्यता दी है। इसका मतलब है कि फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बने रहेंगे। लेकिन अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और मामले की आगे सुनवाई करेगी।बता दें कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने उनकी दावेदारी खारिज कर गलत तरीके से बागी टीएमसी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त कर दिया। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी। यानी फिलहाल ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के नेता बने रहेंगे। लेकिन अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और मामले की आगे सुनवाई करेगी। अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा।न्यायमूर्ति कृष्ण राव ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार करते हुए मामले को अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अदालत ने याचिका में प्रतिवादियों को तीन सप्ताह के भीतर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया। ऋतब्रत बनर्जी ममता बनर्जी की पार्टी के बागी नेता हैं।अगली सुनवाई तक ऋतब्रत बनर्जी ही LOP: जस्टिस कृष्णा राव ने इस मामले में कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया, जिससे स्पीकर का फैसला अगली सुनवाई तक लागू रहेगा। याचिका में पश्चिम बंगाल विधानसभा स्पीकर द्वारा ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता मानने को चुनौती दी गई थी। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी शोभनदेब चट्टोपाध्याय को इस पद के लिए चाहती थीं। कोर्ट ने सभी पक्षों को अगली सुनवाई से पहले हलफनामे का आदान-प्रदान पूरा करने का निर्देश दिया। जस्टिस राव ने प्रतिवादियों से तीन सप्ताह के भीतर अपना विरोध-हलफनामा दाखिल करने को कहा, जबकि याचिकाकर्ता को उसके बाद जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होनी है।ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के 13वें नेता के रूप में कार्यरत हैं।नेता विपक्ष के तौर पर काम करेंगे ऋतब्रत बनर्जी: हाई कोर्ट द्वारा स्पीकर के फैसले पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद ऋतब्रत बनर्जी विपक्ष के मान्यता प्राप्त नेता के तौर पर काम करते रहेंगे। ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि उनके साथ टीएमसी के 64 विधायक हैं। पहले उन्होंने 58 विधायका दावा किया था। इसके बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर रथिनद्र बोस ने बागी गुट के दावे को स्वीकार कर लिया और ममता बनर्जी खेमे द्वारा समर्थित आधिकारिक उम्मीदवार को दरकिनार करते हुए ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता नियुक्त कर दिया।इसके बाद ममता बनर्जी के गुट ने कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया और तर्क दिया कि स्पीकर के फैसले ने आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल को दरकिनार कर दिया और विधायी दल की मान्यता से जुड़े संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
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