- बंगाल चुनाव की सरगर्मी, 1 मार्च से तैनात होंगी CRPF की 480 कंपनियां
- इसी दिन से बंगाल में सीएपीएफ की तैनात होगी 240 कंपनियां
- यही व्यवस्था 10 मार्च को दूसरे चरण में तैनात होने वाली अतिरिक्त 240 कंपनियों पर भी होगी लागू
- आयोग की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उनके मूवमेंट को कर सकेंगे ट्रैक
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने प्रदेश की सभी 294 सीटों तक पहुंचने के लिए तगड़ी प्लानिंग की है। पार्टी एक मार्च से नौ परिवर्तन यात्रा शुरू करने वाली है। इन यात्राओं का नेतृत्व चुनावी रणनीति में माहिर माने जाने वाले नेता करेंगे।
इस दौरान 63 बड़ी पब्लिक मीटिंग और 282 छोटी नुक्कड़ सभाएं भी होंगी। इस आउटरीच कैंपेन के जरिये बीजेपी पश्चिम बंगाल में 5000 किलोमीटर को कवर करेगी। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड इसका समापन समारोह भी खास होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।
अमित शाह दिखाएंगे हरी झंडी: एक मार्च से शुरू होने वाली परिवर्तन यात्रा के लिए रणनीतिक तौर से राज्य को नौ डिवीजन सिलीगुड़ी, मालदा, नवद्वीप, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, हुगली, पुरुलिया और बर्दवान में बांटा गया है। इससे पहले चुनाव प्रभारियों और स्थानीय नेताओं को कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने के निर्देश दिए हैं। फर्स्ट फेज में एक मार्च को गृह मंत्री अमित शाह साउथ 24 परगना के रायदिघी से यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। साथ ही केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा नादिया के कृष्णानगर से यात्रा की शुरुआत करेंगे। धर्मेंद्र प्रधान खड़गपुर के गरबेटा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कूचबिहार से परिवर्तन यात्रा की अगुवाई करेंगे।
हावड़ा और संदेशखाली में राजनाथ सिंह करेंगे यात्रा की शुरुआत
सेकेंड फेज में 2 मार्च को संदेशखाली, हावड़ा, उत्तर दिनाजपुर और बीरभूम में यात्रा होगी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हावड़ा और संदेशखाली में यात्रा की शुरुआत करेंगे। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, होली के त्योहार के कारण 3 और 4 मार्च को परिवर्तन रथ यात्रा नहीं होगी। फिर 5 से 10 मार्च के बीच सभी विधानसभाओं में यात्रा पूरी की जाएगी। केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी आसनसोल के कुल्टी से यात्रा शुरू करेंगी, जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बीरभूम के जसन से नेतृत्व करेंगे। बीजेपी नेताओं का कहना है कि परिवर्तन यात्रा के जरिये तृणमूल कांग्रेस सरकार के घोटालों और भ्रष्टाचार का उजागर किया जाएगा।
जीपीएस ट्रैकर लगा कर होगी सीएपीएफ की 240 कंपनियों की निगरानी :
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले 1 मार्च से तैनात होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक लगातार निगरानी कर सकें कि तैनात सीएपीएफ कर्मियों का पहले दिन से प्रभावी उपयोग हो रहा है या नहीं।आयोग ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 1 मार्च को तैनात की जाने वाली सीएपीएफ की 240 कंपनियों को चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही तैनात किया जाएगा। उन्हें क्षेत्र पर कंट्रोल और राज्य की भौगोलिक स्थिति से परिचित होने के कार्य में लगाया जाएगा। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "आयोग के निर्देशानुसार पहले दिन से प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इन सीएपीएफ कर्मियों को आवंटित वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे, ताकि आयोग की ओर से नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक उनके मूवमेंट को ट्रैक कर सकें। पर्यवेक्षक सीएपीएफ के इस्तेमाल पर दैनिक रिपोर्ट भी आयोग को भेज सकते हैं।"
सूत्र के अनुसार, यही व्यवस्था 10 मार्च को दूसरे चरण में तैनात होने वाली अतिरिक्त 240 कंपनियों पर भी लागू होगी। सीईओ ऑफिस के अंदरूनी सूत्र ने बताया, "पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों में कई शिकायतें मिली थीं कि बड़ी संख्या में सीएपीएफ कर्मियों को तैनात करने के बावजूद पोलिंग के दिनों में भी उनका प्रभावी इस्तेमाल नहीं हुआ था। ड्यूटी के दौरान सीएपीएफ कर्मियों के घूमने-फिरने की भी शिकायतें थीं। इसलिए ऐसी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए इस बार आयोग ने पहले दिन से ही सीएपीएफ कर्मियों की मूवमेंट पर सख्ती से नजर रखने का फैसला किया है, ताकि शुरू से आखिर तक उनका प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके।"
1 मार्च को तैनात होने वाली 240 कंपनियों के पहले फेज में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 110 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 55 कंपनियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 21 कंपनियां, इंडो-तिब्बत पुलिस फोर्स (आईटीबीपी) की 27 कंपनियां और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 27 कंपनियां शामिल होंगी।
दूसरे चरण में 10 मार्च को 240 कंपनियों की तैनाती की जाएगी, जिनमें 120 सीआरपीएफ, 65 बीएसएफ, 16 सीआईएसएफ, 20 आईटीबीपी और 19 एसएसबी की कंपनियां शामिल होंगी। इन कुल 480 कंपनियों की किसी क्षेत्र से हटाने की प्रक्रिया की घोषणा चुनाव आयोग की अधिसूचना के अनुसार उचित समय पर की जाएगी। ( कोलकाता से अशोक झा की रिपोर्ट )
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