मुरादाबाद: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा हस्तशिल्प एक्सपो मुरादाबाद – 2026 का आयोजन 25 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक मेटल हस्तशिल्प सर्विस सेंटर, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है । यह एक्सपो भारत के मशहूर क्राफ्ट हब मुरादाबाद की बेहतरीन मेटल हस्तशिल्प को करते हुए विजिटर्स, रिटेलर्स और ट्रेड प्रोफेशनल्स को शानदार और खूबसूरती से बने हाथ से बने उत्पादों को खरीदने का बेहतरीन मौका देगा ।
उद्घाटन समारोह में ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना गरिमामयी उपस्थिति रही । इस अवसर पर ईपीसीएच की कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के सदस्य श्री सलमान आज़म, श्री रोहित ढल्ल, श्री नावेद उर रहमान; श्री राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, ईपीसीएच; डॉ. रविंदर कुमार, जनरल मैनेजर, एमएचएससी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा मुरादाबाद के प्रमुख निर्यातक सदस्य भी उपस्थित रहे ।
इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “हस्तशिल्प एक्सपो – मुरादाबाद हमारे उस संकल्प का हिस्सा है, जिसके जरिए हम देश के भीतर हस्तशिल्प कारीगरों के लिए मजबूत मार्केट इकोसिस्टम बनाना चाहते हैं । मुरादाबाद की मेटल क्राफ्ट इंडस्ट्री दशकों से भारत के हस्तशिल्प निर्यात का मजबूत आधार रही है. इस एक्सपो के जरिए हम ऐसा मंच दे रहे हैं, जहां कारीगर और निर्माता सीधे रिटेलर्स और संस्थागत खरीदारों से जुड़ सकें. इससे टिकाऊ कारोबारी रिश्ते बनेंगे और घरेलू और निर्यात, दोनों स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी ।”
डॉ. खन्ना ने आगे कहा, “भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय और ईपीसीएच की ऐसी पहलें भारत के हस्तशिल्प को घरेलू और वैश्विक बाजार में प्रीमियम और डिजाइन-आधारित प्रोडक्ट्स के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाती हैं, साथ ही हमारे समुदायों की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करती हैं ।”
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष सागर मेहता ने कहा, “यह एक्सपो मुरादाबाद में हाई-पोटेंशियल सोर्सिंग और रिटेल प्लेटफॉर्म लेकर आया है, जहां विजिटर्स एक ही छत के नीचे मेटल क्राफ्ट और लाइफस्टाइल कैटेगरी के अलग-अलग प्रोडक्ट्स देख सकते हैं । हमारा फोकस है कि खरीदार और विक्रेता के बीच सार्थक बातचीत हो और एग्जीबिटर्स अपने प्रोडक्ट प्रेजेंटेशन, पैकेजिंग और सप्लाई की तैयारी के लिहाज से पूरी तरह मार्केट-रेडी हों, ताकि पूछताछ आगे चलकर स्थायी बिजनेस में बदले ।”
यह मेला पांचों दिन सुबह 11:00 बजे से रात 9:00 बजे तक विजिटर्स के लिए खुला रहेगा और इसे बिजनेस-टू-कंज्यूमर (बी2सी) इवेंट के रूप में आयोजित किया जा रहा है । इसका उद्देश्य मौके पर ही बिक्री (ऑन-द-स्पॉट सेल्स) को बढ़ावा देना है, साथ ही वॉल्यूम खरीदारों, रिटेल शॉपर्स और अन्य प्रोफेशनल्स के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करना है ।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने कहा, “ईपीसीएच क्षेत्रीय शिल्पों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने के निरंतर प्रयास करता रहा है, विशेष रूप से सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, कारीगरों और शिल्पकारों के लिए । इस एक्सपो में प्रस्तुत उत्पाद श्रेणियाँ अत्यंत जीवंत और विविध हैं जिनमें मुरादाबाद का आर्ट मेटल क्राफ्ट, जोधपुर का मेटल क्राफ्ट, मध्य प्रदेश का बेल मेटल क्राफ्ट, तमिलनाडु का प्रसिद्ध तंजावुर शील्ड क्राफ्ट, छत्तीसगढ़ का ढोकरा क्राफ्ट सहित अनेक अन्य प्रमुख शिल्प शामिल हैं । ये सभी खरीदारों और आगंतुकों के लिए प्रमुख आकर्षण हैं, जो उन्हें एक ही छत के नीचे विशिष्ट क्षेत्रीय कारीगरी और निर्यात-गुणवत्ता वाले हस्तनिर्मित उत्कृष्टता का अनुभव कराते हैं”
श्री रावत ने यह भी कहा, “ईपीसीएच, भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय का दिल से आभार व्यक्त करता है, जिनके लगातार मार्गदर्शन और सहयोग से ऐसी पहलें नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं और भारत के हस्तशिल्प की पहुंच और मजबूत हो रही है ।”
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद देश से हस्तशिल्पों के निर्यात को बढ़ावा देने वाली नोडल संस्था है और यह देश के अलग-अलग शिल्प क्लस्टर्स में होम, लाइफस्टाइल, फर्नीचर और फैशन ज्वेलरी व एक्सेसरीज के उत्पादों को बनाने वाले लाखों कारीगरों और शिल्पकारों के हुनर की ब्रांड छवि बनाती है । ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने बताया कि साल 2024-25 में हस्तशिल्पों का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा ।
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