- कल्याण बनर्जी के खिलाफ महिला सांसद ने खोला मोर्चा
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस के मुसीबतों का दौर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर राज्य में बनी बीजेपी की नई सरकार तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवा रही है तो कई नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच शुरू की जा रही है, तो कई नेता पार्टी से इस्तीफा देते जा रहे हैं।घोष ने लोक सभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने कल्याण बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घोष ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि बनर्जी ने संसद में कई बार उनके साथ गाली-गलौज और दुर्वव्यवहार किया है। इतना ही नहीं उन्होंने यह लिखित रूप से शिकायत की है कि कल्याण बनर्जी महिला सांसदों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा
आपको बता दें कि इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने बुधवार को पार्टी के सभी पदों से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया था। बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने अपना इस्तीफा पत्र तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजा जिसमें उन्होंने लिखा की ''बेहद पीड़ा और चिंता के साथ मैं अखिल भारतीय तृणमूल महिला कांग्रेस की चेयरपर्सन समेत पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों, समितियों और जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रही हूं''। उन्होंने से सीधे-तौर पर लोक सभा में मौजूद पार्टी के मौजूदा चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी चिट्टी में यह भी लिखा कि जब पार्टी के अंदर महिलाओं का कोई सम्मान नहीं है तो ऐसे में पार्टी और संगठन में किसी भी पद पर रहना मुश्किल हो जाता है। लिहाजा वो पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रही हैं।
चीफ व्हिप के पद से हटाई गई थीं काकोली घोष
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हाल ही में ममता बनर्जी ने पार्टी के अंदर बदलाव करते हुए काकोली घोष को चीफ व्हिप पद से हटाकर कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौपी थी। इसके बाद पार्टी के अंदर आरोप-प्रत्यारोप की खबरें आने लगी। काकोली घोष पिछले कुछ दिनों से टीएमसी से नाराज चल रही हैं। इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
सुरक्षा घेरे में काकोली घोष
काकोली घोष को टीएमसी के चीफ व्हिप से हटाए जाने के कुछ घंटों में केंद्र सरकार ने उन्हों वाई सिक्योरिटी दे दी थी। आपका बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल में ही अभिषेक बनर्जी से लेकर टीएमसी के तमाम नेताओं की सिक्योरिटी में कटौती की है। गृह मंत्रालय के पास यह जानकारी मिली थी कि काकोली की सुरक्षा को लेकर खतरा है जिसके बाद घोष को सीआईएसएफ की यह देने का फैसला लिया गया।
काकोली घोष की चुनावी यात्रा
कोकीली घोष दस्तीदार 66 साल की हैं और पश्चिम बंगाल की बारासात लोक सभा सीट से चार बार की सांसद हैं। टीएमसी ने काकोली घोष को बारासत सीट से साल 2009 में पहली बार दिया था और वह जीत गईं। 2014, 2019 और 2024 के लोक सभा चुनाव में भी काकोली घोष टीएमसी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं।
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