इजरायल में 19 साल बाद सत्ता में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देश के पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट को राष्ट्रपति आइजक हरजोग ने नई सरकार बनाने का न्योता दिया है। हाल ही में हुए आम चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था और 19 साल से सत्ता पर काबिज बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई थी। वहीं, 48 सीटें जीतने वाली आइजनकोट की याशर पार्टी ने अरब पार्टी के समर्थन से बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है।
गादी आइजनकोट 2015 से 2019 तक इजरायल के सेना प्रमुख रह चुके हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले में उनका बेटा गैल आइजनकोट मारा गया था, जबकि आईडीएफ में लड़ते हुए उनके दो भतीजे भी शहीद हो गए थे। सेना प्रमुख रहते हुए वे अपने सख्त रुख और 'दहिया सिद्धांत' के लिए जाने जाते थे। हमास हमले के बाद वे नेतन्याहू की इमरजेंसी वॉर कैबिनेट में पर्यवेक्षक के तौर पर भी शामिल थे। सादगी और अनुशासन के लिए मशहूर आइजनकोट को उनके देशभक्त चेहरे के रूप में भारी जनसमर्थन मिला।आइज़ेनकोट ने हमास के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है। हालांकि, गाजा को लेकर स्पष्ट दीर्घकालिक रणनीति की कमी और जरूरी रणनीतिक फैसले न लेने के मुद्दे पर उनके नेतन्याहू से मतभेद रहे हैं।
कुछ लोग नेतन्याहू की विदाई की संभावना पर अभी से जश्न मना रहे हैं, लेकिन शायद उन्हें अंदाजा नहीं कि उनकी जगह अगला प्रधानमंत्री कौन हो सकता है!चेहरा बदलने से इजरायल की सुरक्षा नीति बदल जाएगी,यह मान लेना जल्दबाजी होगी। ( अजीत मिश्र की कलम से )
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