-महालया अमावस्या पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर पितरों का कर रहे तर्पण, सीएम सुवेंदु और हिमंता ने मां के आगमन की दी शुभकामनाएं
- महालया पर आज गूंजेगा 'जागो तुमि जागो , मां के आगमन को लेकर की जाती है प्रार्थना
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: आज अमावस्या है और इसे साल की सबसे अहम अमावस्या कह सकते हैं। आश्विन मास की अमावस्या को पितरों को विदाई दी जाती है, जिसे महालया भी कहते हैं।इस साल पितृ अमावस्या के दिन गज छाया योग बन रहा है। पितृ अमावस्या के दिन गज छाया योग बनना अत्यंत दुर्लभकारी माना गया है।कुछ ज्योतिषाचार्यों और पंचागों के मुताबिक करीब 60 साल बाद यह संयोग बन रहा है। ऐसे में आज 10 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच गज छाया योग में किया गया दान बहुत लाभ देगा। यह पितरों को मुक्ति दे सकता है, आपको पितृ दोष से मुक्ति दिला सकता है।मान्यता के अनुसार, महालया अमावस्या पर उन पितरों का श्राद्ध व तर्पण किया जाता है, जिनकी मृत्यु की तिथि अज्ञात है। यानी जिनकी मृत्यु की तिथि न पता हो, उन पितरों के लिए इस दिन श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इसी दिन पितृ पक्ष के दौरान किए जाने वाले श्राद्ध कर्म का समापन हो जाता है।
पितृ पक्ष के समापन और मातृ पक्ष की शुरुआत के प्रतीक 'महालय' के अवसर पर, श्रद्धालु अपने दिवंगत पूर्वजों की शांति के लिए तर्पण करने के लिए कोलकाता में गंगा के विभिन्न घाटों पर एकत्र हुए हैं। सुबह से ही कोलकाता के बागबाजार स्थित शारदा मां के मंदिर के पास गंगा घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे और धार्मिक मंत्रों का जाप करते हुए अपने पूर्वजों को जल अर्पित कर रहे हैं।
महालया अमावस्या के अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्याल आर. एन. रवि के कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल से लिखा गया, "दुर्गा पूजा के पवित्र और खुशी भरे मौके पर, मेरी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. मां दुर्गा, आदि शक्ति का सर्वोच्च रूप हैं; वे वह शाश्वत शक्ति हैं जो अधर्म का नाश करती हैं, धर्म की रक्षा करती हैं और सच्चाई की जीत सुनिश्चित करती हैं।आर. एन. रवि के कार्यालय के आधिकारिक एक्स हैंडल से आगे लिखा गया, "शक्ति भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग है, जिसकी उत्पत्ति बंगाल की पवित्र भूमि से हुई है। दुर्गा पूजा इसी शक्ति का भव्य उत्सव है. पूरा India शक्ति का यह त्योहार मना रहा है. आज, बंगाल नए आत्मविश्वास और उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहा है ताकि वह अपना गौरव फिर से हासिल कर सके और 'विकसित भारत 2047 की ओर देश की यात्रा का नेतृत्व कर सके। इस प्रगति में बंगाल को मां दुर्गा और मां काली का आशीर्वाद प्राप्त होगा।सुवेंदु अधिकारी की ओर से एक्स पर लिखा गया, "शुभ महालया, देवी पक्ष की इस शुभ शुरुआत पर, मैं सभी को अपना हार्दिक प्यार और शुभकामनाएं देता हूं. मां आ रही हैं; मां का आगमन हर जीवन में खुशियां, शांति और समृद्धि लाए. मेरी प्रार्थना है कि पश्चिम बंगाल में विरासत, संस्कृति, एकता और भाईचारे के बंधन और भी मजबूत हों. सब मंगलमय हो."
असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से social media पर लिखा गया, "आज महालया के शुभ अवसर पर, चंडी पाठ की गूंज के साथ देवी पक्ष की शुरुआत हो रही है और इसी के साथ दुर्गा पूजा की उल्टी गिनती भी आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है. पूरे असम में कलाकार मां और उनके बच्चों की मूर्तियों को अंतिम रूप दे रहे हैं, क्योंकि वे धरती पर अपनी वार्षिक यात्रा शुरू करने जा रही हैं. जय-जय मां दुर्गा."
भाजपा नेता अरविंद कुमार त्रिपाठी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "सनातन धर्म में महालया का विशेष महत्व है. यह पितृ पक्ष की समाप्ति और देवी पक्ष के आरंभ का प्रतीक माना जाता है. महालया अमावस्या, जिसे सर्वपितृ अमावस्या भी कहा जाता है, पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है. इसके बाद देवी पक्ष की शुरुआत होती है और शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा के उत्सव का वातावरण बनने लगता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महालया के दिन ही देवी दुर्गा को महिषासुर के वध के लिए आमंत्रित किया गया था. मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा का धरती पर आगमन होता है. महालया के साथ ही मां दुर्गा के स्वागत और दुर्गा पूजा की तैयारियों का उत्साह बढ़ जाता है।
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