- दोनों सीट पर भाजपा की जीत से गदगद नेता और कार्यकर्ता
अशोक झा/ कोलकाता: कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्षी नेताओं के जारी विरोध के बाद भी पश्चिम बंगाल विधानसभा उप चुनाव में भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन किया है। पार्टी ने नंदीग्राम और रेजिनगर दोनों विधानसभाओं पर जीत हासिल कर ली है। हसी रानी रथ सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चुनाव परिणाम के बाद 6 मई को उत्तरी 24 परगना जिले में चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हसी रानी रथ को कुल 1,64,227 वोट मिले। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को महज 41,674 वोट मिले।मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार शंकरव सरकार ने 75,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की। जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह जीत मेरी नहीं है। यह 'कमल' की जीत है। यह जीत श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ. हेडगेवार की है। इस पर मेरा कोई निजी दावा नहीं है। बंगाल में मेरी कोई खास हैसियत नहीं है। सुवेंदु अधिकारी ही अल्पसंख्यक समुदाय के साथ बातचीत कर रहे हैं। हम इस पर मिलकर काम कर रहे हैं। मैं उनके साथ खड़ा हूं और उनके रास्ते पर चलता हूँ। हम रेजीनगर के औद्योगिक इलाके में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।' सीजेपी आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे माहौल के देखते हुए भाजपा के लिए यह एक बड़ी राहत है। भाजपा की इस जीत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी गदगद नजर आए। उन्होंने दोनों विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए दावा किया कि रेजीनगर में करीब 60 फीसदी और नंदीग्राम में 80 फीसदी मुस्लिमों में भाजपा को वोट दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऐतिहासिक बहुमत हासिल करके सीएम पद हासिल करने वाले अधिकारी ने कहा कि मुस्लिमों को बंगाल में एक नया दोस्त मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अल्पसंख्यक मतदाता भी भाजपा को अपने साथी के तौर पर देख रहे हैं और सरकार का समर्थन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा,"अल्पसंख्यकों ने बड़ी संख्या में वोट दिया है। क्योंकि वह सरकार के साथ खड़े होना चाहते हैं। हम रेजीनगर में जीत सकते हैं क्योंकि अल्पसंख्यकों ने हमें वोट दिया है। उन्हें हम में नया दोस्त मिल गया है। उन्हें समझ आ गया है कि उन्हें लंबे समय से भटकाया जा रहा था।
"बंगाली मुस्लिमों को समझ आया, पिछली सरकारों ने बहुत भड़काया- सीएम शुभेंदु अधिकारी
सीएम अधिकारी ने जोर देकर कहा कि बंगाली मुस्लिमों को यह समझ आ गया है कि उन्हें पिछली सरकारें उन्हें बरगला रही थीं। भाजपा का सत्ता में आना ही बंगाल में शांति कायम कर सकता है। उन्होंने कहा, "भाजपा के सत्ता में आने के बाद अब पश्चिम बंगाल में शांति पूर्ण वातावरण होगा। बंगाली बोलने वाले अल्पसंख्यकों को यह बात समझ आ गई है। उन्हें भाजपा में दोस्त दिखा है। उन्होंने हमें वोट दिया है।ठ
नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत
बता दें, नंदीग्राम विधानसभा सीट पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव के दौरान जीत हासिल की थी। ऐसे में इस सीट पर पार्टी की जीत संभावित लग रही थी। उप चुनाव के नतीजों के दौरान ऐसा दिखा भी। इस सीट पर भाजपा की हासी रानी रथ एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज करने में कामयाब रहीं। वहीं ,करीब 70 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं के साथ भाजपा के लिए राजनीतिक चुनौती बनी रेजीनगर सीट पर भी मतदाताओं ने सीएम शुभेंदु अधिकारी पर भरोसा जताया। भाजपा के शंखराव सरकार ने इस सीट पर 75,816 वोटों से जीत दर्ज की। उन्होंने इस सीट पर हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को हराया है।
दोनों विधानसभा उप चुनाव में जीत के भाजपा के लिए क्या मायने?: बता दें, भारतीय जनता पार्टी पार्टी लगातार पश्चिम बंगाल में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। रेजीनगर विधानसभा के लिए भी सीएम शुभेंदु अधिकारी ने यही किया। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि अब राम मंदिर और बाबरी मस्जिद की राजनीति करने का वक्त नहीं है। लोगों को विकास ने नाम पर वोट देना चाहिए। गौरतलब है कि हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बाबरी मस्जिद की नींव रखकर सुर्खियों में जगह बनाई थी। वह पहले ममता बनर्जी के साथ थे। लेकिन बाबरी मस्जिद वाली हरकत करने के बाद ममता ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इस पर वह दो सीटों पर अलग से पार्टी बनाकर चुनाव लड़े थे। इसमें से रेजीनगर उन्होंने छोड़ दी थी। अब इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। इस जीत के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जोर देकर कहा कि वह आगे भाजपा को मिल रहे वोटों के प्रतिशत को और भी ज्यादा बढ़ाने पर ध्यान देंगे।
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