- तो ऐसे दिल्ली में रुका CJP का 'लहरा दो तिरंगा' मार्च?
- प्रदर्शन 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन से अलग रहा, जब संसद की ओर मार्च करने के दौरान CJP के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई थी झड़प
अशोक झा/ नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया। शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करने पहुंचे हजारों लोगों को पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने हटाया।
इस दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन में करीब 2,000 लोग शामिल हुए, जिनमें से कई के हाथों में तिरंगा था। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। दिल्ली के नई दिल्ली जिले और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। यहां 25,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए थे। पुलिस की भारी मौजूदगी के कारण शुक्रवार शाम तक प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन से अलग रहा, जब संसद की ओर मार्च करने के दौरान CJP के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। मार्च से पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया
अभिजीत दीपके बुधवार को दिल्ली पहुंचे थे। इससे पहले CJP के दो वरिष्ठ सदस्यों अशुतोष रंका और सौरव दास को सोमवार को जंतर-मंतर में सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
दीपके राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता अनीश गावांडे के करोल बाग स्थित घर पर ठहरे हुए थे। शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम ने उन्हें नोटिस दिया। इसमें कहा गया कि कानूनी अनुमति लिए बिना मार्च आयोजित नहीं किया जा सकता। पुलिस ने यह भी बताया कि उसकी कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत की जा रही है।नोटिस में कनॉट प्लेस के व्यापारियों की आजीविका और लोगों की आवाजाही का हवाला दिया गया। पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस प्रदर्शन के लिए अधिसूचित जगह नहीं है। प्रदर्शनकारी कानूनी अनुमति लेकर अन्य निर्धारित स्थानों पर विरोध कर सकते हैं।
शाम करीब 4:50 बजे जब दीपके करोल बाग स्थित घर से बाहर निकले, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस से कहा, "मैं अकेला हूं। आप मुझे क्यों रोक रहे हैं?" इसके बाद उन्होंने तिरंगा निकाला और उसे फहराया।
हालांकि, पुलिसकर्मियों ने उन्हें पुलिस वैन में बैठाकर वहां से ले गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया, जहां 24 घंटे तक एहतियातन हिरासत में रखा जा सकता था।
कनॉट प्लेस में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नारेबाजी: दीपके की हिरासत से पहले ही कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। यहां पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों के अलावा पालिका बाजार के कुछ स्थानीय व्यापारी भी प्रदर्शनकारियों के विरोध में उतर आए। व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के कारण उनके कारोबार पर असर पड़ रहा है।प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया। नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने इसके पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया। दिन के दौरान कनॉट प्लेस की कई दुकानें और रेस्तरां भी बंद रहे।सेंट्रल पार्क के पास रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। वहीं, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में गश्त कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए इस्तेमाल होने वाली बसें भी पहले से ही पार्क के आसपास खड़ी कर दी गई थीं।
नेहा बोरा और वामपंथी छात्र संगठनों ने भी किया प्रदर्शन:
AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मध्य दिल्ली के मंडी हाउस में अचानक प्रदर्शन का आह्वान किया। वह करीब 5:20 बजे अपने समर्थकों के साथ मार्च करने लगीं, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इसके बाद शाम करीब 6 बजे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों ने फिरोजशाह रोड पर प्रदर्शन किया। इस समूह में सांसद जॉन ब्रिटास भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए कनॉट प्लेस तक पहुंचे।
इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने सेंट्रल पार्क से प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया। शाम 7 बजे तक भारी पुलिस बल की मदद से भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया। CJP का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे 'सरासर तानाशाही' बताते हुए सवाल किया कि क्या तिरंगा लहराना जुर्म है?सेंट्रल पार्क के पास रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। वहीं, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में गश्त कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए इस्तेमाल होने वाली बसें भी पहले से ही पार्क के आसपास खड़ी कर दी गई थीं।
नेहा बोरा और वामपंथी छात्र संगठनों ने भी किया प्रदर्शन:
AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा ने शुक्रवार शाम करीब 5 बजे मध्य दिल्ली के मंडी हाउस में अचानक प्रदर्शन का आह्वान किया। वह करीब 5:20 बजे अपने समर्थकों के साथ मार्च करने लगीं, लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
इसके बाद शाम करीब 6 बजे स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और अन्य वामपंथी छात्र संगठनों ने फिरोजशाह रोड पर प्रदर्शन किया। इस समूह में सांसद जॉन ब्रिटास भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए कनॉट प्लेस तक पहुंचे।
इसके कुछ ही देर बाद पुलिस ने सेंट्रल पार्क से प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू कर दिया। शाम 7 बजे तक भारी पुलिस बल की मदद से भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया। CJP का यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे 'सरासर तानाशाही' बताते हुए सवाल किया कि क्या तिरंगा लहराना जुर्म है?
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