- बिहार से बंगाल तक करोड़ों की संपत्ति, पत्नी को बनाया धन कुबेर
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस (निगड़ानी ब्यूरो), आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और विशेष सतर्कता इकाई (SVU) लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही हैं। पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न विभागों में तैनात कई बड़े इंजीनियरों के ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति, बेनामी जमीन और भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है।चंद्रशेखर सिंह (कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग
विभाग & पोस्टिंग: छपरा में ग्रामीण कार्य विभाग (गुणवत्ता परीक्षण) के कार्यपालक अभियंता: कार्रवाई: विजिलेंस ब्यूरो ने इनके 4 ठिकानों (पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी) पर एक साथ छापेमारी की। बरामदगी: आय से अधिक लगभग 1.11 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। तलाशी में लाखों रुपये कैश, जेवरात और सिलीगुड़ी (दार्जिलिंग जिला) में पत्नी के नाम पर करोड़ों रुपये की 92 डिसमिल (लगभग 31 कट्ठा) बेनामी जमीन के दस्तावेज मिले, जिसे इन्होंने अपनी सरकारी संपत्ति विवरणी में छिपाया था।उन पर आय से 1.10 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में फांसीदेवा में छापेमारी के दौरान महंगे भूखंड का खुलासा हुआ। साथ ही 5.70 लाख नकद और 250 ग्राम आभूषण मिले हैं। पटना में फ्लैट और कटिहार में मकान भी मिले हैं।
सहायक अभियंता रहते जमीन की बड़ी डील
जांच में चंद्रशेखर सिंह, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी व परिजनों के नाम पर 1.79 करोड़ रुपये की 14 अचल संपत्तियां पायी गयी। इनमें दार्जिलिंग जिला अंतर्गत फासीदेवा थाना क्षेत्र के पॉश इलाके में उनकी पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर वर्ष 2021 में 10 डीड से खरीदी गई कुल 92 डिसमिल (करीब डेढ़ बीघा) जमीन भी शामिल है। इस जमीन की खरीद के वक्त चंद्रशेखर फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे।
5.70 लाख कैश बरामद: राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट इस जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों में आंका जा रहा है। तलाशी में कार्यपालक अभियंता के पटना के जगदेव पथ में तीन बीएचके फ्लैट और कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो बीएचके फ्लैट की जानकारी मिली है। उनके पटना स्थित आवास से करीब साढ़े तीन लाख रुपये तथा कटिहार स्थित आवास से दो लाख रुपये से अधिक सहित कुल 5.70 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। कटिहार स्थित आवास से लगभग 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।कटिहार के पैतृक आवास से सोने-चांदी के आभूषण भी मिले. जांच में इंजीनियर की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन खरीदे जाने का भी पता चला। इस जमीन के नेशनल हाईवे के पास होने की बात सामने आई है।
₹1.10 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के मुताबिक, इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह पर अपनी ज्ञात आय से करीब 1.10 करोड़ रुपए अधिक की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस मामले में निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 दर्ज किया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, FIR 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुई थी। FIR दर्ज होने के बाद निगरानी ब्यूरो ने जांच तेज कर दी। इसी क्रम में 15 अक्टूबर को अलग-अलग टीमों ने चार ठिकानों पर तलाशी शुरू की। टीम का मुख्य उद्देश्य इंजीनियर की ज्ञात आय, संपत्तियों और खर्च के बीच अंतर का पता लगाना है।
पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन: जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फासीदेवा थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़े दस्तावेज भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि इंजीनियर की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर वर्ष 2021 में 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। इसका क्षेत्रफल करीब 31 कट्ठा है। यह जमीन नेशनल हाईवे के पास स्थित है।इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपए है। हालांकि अभी तक इसका आधिकारिक मूल्यांकन नहीं हुआ है।निगरानी टीम अब जमीन की खरीद से जुड़े दस्तावेजों, भुगतान में इस्तेमाल की गई रकम और उसके स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों के सामने यह पता लगाना अहम होगा कि जमीन खरीदने में कितनी राशि खर्च हुई और यह पैसा कहां से आया. जमीन की कीमत और खरीद में खर्च हुई रकम का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।पटना से 3 लाख और कटिहार से 2 लाख रुपए नकद मिले
छापेमारी के दौरान पटना स्थित आवास से 3 लाख रुपए नकद मिले. वहीं, कटिहार स्थित पैतृक आवास से 2 लाख रुपए नकद मिले. इस तरह दोनों जगहों से कुल 5 लाख रुपए नकद बरामद हुए. कटिहार शहर के सहायक थाना क्षेत्र के लोहिया नगर मोहल्ले में स्थित पैतृक आवास पर पटना से पहुंची निगरानी टीम ने तलाशी ली. यहां से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण मिले। बताया जा रहा कि इस मकान में इंजीनियर के तीनों भाइयों के परिवार संयुक्त रूप से रहते हैं. तलाशी के दौरान घर में रखी बंद अलमारी और दो अटैची को खोलने के लिए कारीगर को बुलाया गया. इसके बाद टीम ने सामान और जरूरी दस्तावेजों की जांच की. हालांकि, बरामद नकदी और आभूषणों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है.छपरा के कार्यालय और पटना के फ्लैट पर भी तलाशी
निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई चार स्थानों पर की गई. इनमें छपरा स्थित ग्रामीण कार्य विभाग का कार्यालय, पटना के सरयुग वामिका अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 103, कटिहार के लोहिया नगर स्थित पैतृक आवास और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फनसीदेवा थाना क्षेत्र का ठिकाना शामिल है.
इन सभी स्थानों पर टीम संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य जरूरी कागजात खंगाल रही है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इंजीनियर ने अपनी आय के मुकाबले कितनी संपत्ति अर्जित की और संबंधित संपत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया?
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