- जांच में 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का चला पता
अशोक झा/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद के ठिकानों पर छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा है कि जांच में 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का पता चला है।
वहीं, टीएमसी ने दावा किया है कि सेंट्रल एजेंसी की यह कार्रवाई 'ऑपरेशन लोटस 2.0' का हिस्सा है. ईडी ने अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।वहीं, टीएमसी ने दावा किया है कि सेंट्रल एजेंसी की यह कार्रवाई 'ऑपरेशन लोटस 2.0' का हिस्सा है. ईडी ने अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है। नदीमुल के अखबार पर क्या हैं आरोप?: कथित तौर पर सांप्रदायिक वैमनस्य को बढ़ावा देने वाली सामग्री का प्रकाशन।'बिना हिसाब' के नकद लेन-देन करना। संदिग्ध स्रोतों से धन प्राप्त करना।अखबार ने सरकारी विज्ञापन हासिल करने के लिए अपने प्रसार को 'बढ़ा-चढ़ाकर' बताया। अखबार को अधिकांश धन तत्कालीन टीएमसी सरकार से एक विज्ञापन एजेंसी के माध्यम से मिला, जिसके संबंध दुबई की एक इकाई से हैं।
24 घंटे से अधिक चली छापेमारी: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं राज्यसभा सदस्य नदीमुल हक से जुड़े एक उर्दू अखबार के परिसरों में 24 घंटे से अधिक समय तक चली छापेमारी के बाद मंगलवार को बताया कि उसने करीब 60 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं का पता लगाया है।हक और उनके मीडिया प्रतिष्ठान से जुड़े परिसरों में तलाशी सोमवार सुबह शुरू हुई थी और मंगलवार तड़के पूरी हुई।।ईडी ने मनी लाउंडरिंग की जांच के तहत नदीमुल हक और 'अखबार-ए-मशरिक' से जुड़े 7 ठिकानों की तलाशी ली। दिल्ली में नदीमुल हक के आवास पर सोमवार सुबह को शुरू हुई छापेमारी रात करीब 10:20 बजे तक चली।
राज्यसभा सांसद के आवास का इस्तेमाल तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में भी होता है।
डिजिटल दस्तावेजों की जांच कर रही ईडी: ईडी के एक अधिकारी ने कहा- लेन-देन की कड़ी का पता लगाने और जांच के दायरे में आयी रकम के स्रोत का पता लगाने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों की जांच की जा रही है. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी अखबार से जुड़े कथित अवैध वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या कुछ रकम हवाला के जरिये भेजी गयी थी।नदीमुल हक से कोलकाता में हुई पूछताछ
अधिकारी ने बताया कि ईडी के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल सामग्री की जांच की तथा कोलकाता स्थित हक के आवास और कार्यालय में उनसे पूछताछ की. उन्होंने बताया कि ईडी के अधिकारी तृणमूल कांग्रेस से कथित तौर पर जुड़ी रकम के लेन-देन की भी जांच कर रहे हैं. जांच अधिकारियों को करीब 60 करोड़ रुपए के ऐसे लेन-देन से संबंधित विसंगतियां मिली हैं, जिनके समर्थन में उन्हें तत्काल संतोषजनक रिकॉर्ड नहीं मिल सके. एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि ये लेन-देन वास्तव में कारोबारी सौदे थे या यह रकम हवाला समेत अनौपचारिक माध्यमों से भेजी गयी थी.
तृणमूल कांग्रेस के दावे
दिल्ली में ईडी की छापेमारी दोपहर करीब 1 बजे पूरी हो गयी थी, लेकिन अधिकारी लगभग 10 घंटे तक घर में टिके रहे.
'अखबार-ए-मशरिक' के प्रसार संख्या से जुड़े आरोप करीब 12 घंटे तक छापे का आधार बन सकता है?
जांच के तहत एजेंसी ने एक ऐसे व्यक्ति का बयान दर्ज किया, जिसे उर्दू भाषा का ज्ञान तक नहीं था।'बिटकॉइन' से जुड़े हक के वित्तीय लेन-देन वैध थे और उन्होंने टैक्स का विधिवत भुगतान किया था। ईडी अधिकारियों ने हक से कहा- अगर आप सही रास्ते पर चलते हैं, तो यह मामला आसानी से सुलझ सकता है।
रात को रांची से कोलकाता लाये गये सांसद: दिल्ली और रांची में भी 7 जगहों पर तलाशी ली गयी।कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में अखबार के कार्यालय और हक से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गयी. ईडी के अधिकारी ने बताया कि जब छापेमारी शुरू हुई, तब तृणमूल सांसद रांची में थे. इसके बाद उन्हें सोमवार रात कोलकाता लाया गया और उनके आवास एवं कार्यालय में तलाशी के दौरान उनसे पूछताछ की गयी।
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