- दोनों नेताओं के निर्देश पर काम करने की बात भी स्वीकारा
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने शनिवार को पश्चिम मिदनापुर की एक जिला अदालत को बताया कि तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय ने पार्टी के खाते में करीब 7 करोड़ रुपये जमा किए थे। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही सीआईडी ने कोर्ट को बताया था कि जमीन घोटाले से मिली रकम तृणमूल के खातों में जमा की गई थी। एजेंसी का दावा है कि डायमंड हार्बर से सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कहने पर ही ये पैसे टीएमसी के खाते में डाले गए। सीआईडी का दावा है कि अभिषेक के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय ने पूछताछ के दौरान यह जानकारी दी है।आपको बता दें कि इस मामले में सुमित को तृणमूल के पूर्व MLA सुजय हाजरा और कई अन्य लोगों के साथ पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सुमित को शनिवार को मिदनापुर कोर्ट में पेश किया गया।उन्हें फिर से कोर्ट ने5 दिनों के रिमांड दिया गया है। बेच दी गई सरकारी जमीन:सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी की ओर से कोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों से पता चला कि पूछताछ के दौरान सुमित ने बताया कि अभिषेक के कहने पर सांसद के ट्रेजरर टी. घोष नाम के एक व्यक्ति ने उसे तृणमूल कांग्रेस पार्टी फंड में जमा करने के लिए पैसे दिए थे। सुमित ने दावा किया कि उसने वह पैसा बैंक में जमा कर दिया था। उसने कहा कि उसे जमीन घोटाले से कोई पैसा नहीं मिला। आपको बता दें कि इस मामले में फर्जी कागजात का इस्तेमाल करके सरकारी जमीन बेची गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय ने पूछताछ में खुलासा किया है कि पश्चिम बंगाल के साल्बोनी जमीन घोटाले से मिली रकम टीएमसी के खाते में जमा कराई गई। पश्चिम बंगाल सीआईडी के मुताबिक दस्तावेजों से पता चला है कि साल 2018 से 2021 के बीच कई किस्त में 7 करोड़ रुपए कोलकाता के एक बैंक खाते में जमा कराए गए थे।जिस बैंक खाते में ये बड़ी रकम जमा की गई, वो पश्चिम बंगाल यूथ टीएमसी के नाम पर है। सीआईडी अफसर अब इस मामले में अभिषेक बनर्जी से भी पूछताछ कर सकते हैं। ममता बनर्जी के भतीजे के पीए ने पूछताछ में बताया कि उसने अपनी मर्जी से ये रकम जमा नहीं कराई। सुमित रॉय के मुताबिक अभिषेक बनर्जी के कोषाध्यक्ष से मिली रकम को उसने बैंक में जमा कराया। सुमित ने ये भी कहा कि साल्बोनी जमीन के मामले में उसने निजी तौर पर कोई फायदा नहीं लिया। टीएमसी नेतृत्व के निर्देश पर ये प्रक्रिया पूरी हुई थी। पश्चिम बंगाल सीआईडी ने चार्जशीट में कई गवाहों के बयान भी दिए हैं। इन गवाहों ने सुमित रॉय और पूर्व विधायक के बीच रकम के लेन-देन की बात कही है।ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पहले से ही तीन मामलों में सीआईडी के घेरे में हैं। इनमें धमकी देने और विधायकों के फर्जी साइन वाली चिट्ठी पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को भेजने के भी मामले हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की घनघोर पराजय के बाद से ही ममता और अभिषेक बनर्जी के लिए मुश्किलों का पिटारा खुलना शुरू हुआ था। पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि टीएमसी के 15 साल के शासन के दौरान कई गड़बड़ियां और घोटाले हुए। जिनके दोषियों को उनकी सरकार किसी कीमत पर नहीं बख्शने वाली। अब सुमित रॉय की ओर से करोड़ों की रकम पार्टी फंड में जमा करने की बात कहे जाने से पश्चिम बंगाल में बीजेपी को ममता और अभिषेक पर और निशाना साधने का मौका मिलेगा।
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