- तिब्बत में बनी 'मौत की झील': 50 लाख क्यूबिक मीटर पानी फटने को तैयार, नेपाल पर 60 घंटे का बड़ा खतरा
- अब तक 469 की मौत, करीब 1000 लापता, फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
नेपाल बोर्डर से अशोक झा: नेपाल के नुवाकोट में फिर बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इस बार 5 गुना बड़े सैलाब का खतरा है। चेतावनी के बाद से नेपाल की सेना इलाके को खाली कर रही है। अलर्ट में कहा गया है कि आने वाले 30 मिनट में जल प्रलय फिर से आ सकता है।आखिर चीन का यह अलर्ट कितना गंभीर है और बैरियर झील टूटने पर क्या हो सकता है, आइए समझते हैं।
लेवल-1 सबसे गंभीर चेतावनी: चीन के जल संसाधन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार रात तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू की और छोचेन खोला तथा पुरेपु त्संगपो नदियों के संगम के पास बनी इस बैरियर झील से पैदा हुए खतरे को लेकर आगाह किया. ये दोनों नदियां तिब्बत से निकलती हैं और नेपाल में भोटे कोशी नदी की धारा का हिस्सा हैं. चीन की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली में चार स्तर हैं. इनमें लेवल-1 सबसे गंभीर और लेवल-4 सबसे निचला स्तर है. मौजूदा अलर्ट लेवल-4 का है, इसलिए इसे चीन की सबसे गंभीर चेतावनी नहीं माना जाता. हालांकि, बैरियर झील में लगातार बढ़ रहा पानी और इसके टूटने की आशंका निचले इलाकों के लिए संभावित जोखिम को गंभीर बनाती है. इसी वजह से चीन के अधिकारी झील, बारिश और जल प्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।चीन कर रहा है निगरानी, बाढ़ का सिमुलेशन भी
चीन के अधिकारी झील की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. संभावित खतरे का आकलन करने के लिए हाइड्रोलॉजिकल विश्लेषण और बाढ़ सिमुलेशन किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य यह समझना है कि अगर झील की प्राकृतिक बाधा टूटती है तो पानी किस दिशा में और कितनी तेजी से आगे बढ़ सकता है. साथ ही संभावित आपातकालीन बचाव और बाढ़ नियंत्रण की तैयारी भी की जा रही है।एक दिन पहले ही भोटे कोशी में आई थी तबाही: नई झील की चेतावनी ऐसे समय सामने आई है जब नेपाल में एक दिन पहले ही भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी. रसुवा जिले के तिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में तेज पानी ने सड़क, पुल, इमारतों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया था. बाढ़ का पानी आगे त्रिशूली नदी की ओर बढ़ा, जिससे निचले इलाकों में भी खतरा पैदा हुआ। नेपाल में कई लोग अब भी लापता: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं, जिसके चलते कई इलाकों का संपर्क मार्ग कट गया है। इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है और कई वाहन तेज बहाव की चपेट में आए हैं। नेपाली सेना ने प्रभावित इलाकों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। नेपाल में कई लोग अब भी लापता हैं। इनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।है और 558 लोग लापता हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल की तरफ करीब 100 चीनी नागरिक भी लापता हैं। लापता विदेशी नागरिकों में सबसे ज्यादा भारत के 290 लोग हैं। इनमें ज्यादातर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं। अमेरिका के 65, यूक्रेन के 53, मलेशिया के 51, आस्ट्रेलिया के 35 और ब्रिटेन के 33 नागरिकों के लापता होने की सूचना है। नेपाल पुलिस के मुताबिक, चितवन में 132, नवलपरासी ईस्ट में 82, धादिंग में 33, गोरखा में 30, नुवाकोट में 28, तनहुं में 22, रसुवा में 17 और नवलपरासी वेस्ट में 15 शव बरामद किए गए हैं।
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