- टूलू मंडल के साले के मैनेजर विकी शेख को पारुई इलाके से लिया हिरासत में
- अब तक 4 गिरफ्तारियां, 220 करोड़ की संपत्ति जब्त,डिजिटल डिवाइस से मिले कई अहम सुराग: पुलिस
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बीरभूम जिले के पत्थर खदान मालिक और फरार चल रहे तुलु मंडल (उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन) के दो सालों के घरों पर लगातार छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया। हाल ही में बीरभूमि जिले की पुलिस ने तुलु मंडल के करीबी रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से 28 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोने के बिस्कुट बरामद किए, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत 22 करोड़ रुपये है। मिनार ने पुलिस के सामने माना कि बरामद कैश और सोना उसका नहीं था और वह उन्हें सिर्फ तुलु मंडल के लिए रख रहा था। इसके बाद पुलिस ने बीरभूम जिले के सूरी में तुलु के घर को सील कर दिया है। बीरभूम जिले में अवैध पत्थर खनन और बेनामी संपत्ति मामले की जांच कर रही राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पत्थर माफिया टूलू मंडल के साले के मैनेजर विकी शेख को पारुई इलाके से हिरासत में ले लिया है।इससे पहले एसटीएफ की टीम ने बम निरोधक दस्ते और अत्याधुनिक उपकरणों के साथ टूलू के ससुर नुरुल हक के दो मंजिला मकान पर अचानक छापेमारी की, जहां शौचालयों के पास खुदाई की गयी।
डिजिटल डिवाइस से मिले कई अहम सुराग: पुलिस के अनुसार, टूलू के साले मिंटू शेख के करीबी विकी शेख उसके पत्थर व्यवसाय के प्रबंधन का काम देखते थे। जांच एजेंसियां काफी समय से विकी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पुलिस अब मिंटू के वित्तीय लेन-देन, उसके व्यावसायिक नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों के साथ उसके संबंधों का पता लगाने के लिए विकी से पूछताछ कर रही है। एसटीएफ पिछले कुछ वर्षों में मिंटू द्वारा अपने नाम और बेनामी स्रोतों से अर्जित की गयी संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
विकी के डिजिटल उपकरणों से मिले कई सुराग: विकी के पास से जब्त किये गये डिजिटल उपकरणों से पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हैं और इसके पीछे किन-किन लोगों का हाथ है, इसका खुलासा बहुत जल्द हो जायेगा।
पुलिस को कुछ नहीं मिला : टूलू के ससुर का दावा: एसटीएफ की टीम के जाने के बाद टूलू के ससुर नुरुल हक ने दावा किया कि पुलिस को उनके घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना वजह उनके घर के सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया। उन्होंने कहा- बाथरूम के पास काम चल रहा था। पुलिस ने वहां भी खुदाई की। उनका कहना था कि गुप्त सूचना मिली है कि यहां काफी माल छुपा है. इसके बाद उन्होंने बिस्तर, गद्दे सब उथल-पुथल कर दिये।
40 साल पुराना है नुरुल का कारोबार: नुरुल ने यह भी कहा कि उनके परिवार का 40 साल पुराना व्यवसाय है। पहले वे धान का कारोबार करते थे। वर्ष 2010 में व्यापार बेटों को सौंप दिया. अब उनके बेटे पत्थर का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने बेटी-दामाद से किसी भी तरह के संबंध से इनकार करते हुए कहा- मेरी बेटी फिरोजा बीबी उर्फ मीना बच्चों की पढ़ाई के लिए कोलकाता में रहती है. मेरा उनसे कोई संपर्क नहीं है।
अब तक 4 गिरफ्तारियां, 220 करोड़ की संपत्ति जब्त:
पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को टुलू के चचेरे भाई नईमुद्दीन मंडल को मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। हालांकि, नईमुद्दीन का टुलू से कोई सीधा व्यावसायिक संबंध नहीं दिख रहा था, लेकिन वह टुलू के बेनामी व्यवसाय में भागीदार पाया गया है। इस मामले में अब तक कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। टुलू मंडल की 220 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज हो चुकी है। टुलू के करीबी मिनार मंडल के आवास से 28.5 करोड़ रुपए नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया जा चुका है।
हाईकोर्ट पहुंचे फरार टुलू मंडल
करोड़ों की संपत्ति और सोने की जब्ती के बावजूद टुलू मंडल को एसटीएफ की टीम गिरफ्तार नहीं कर पायी है।अभी भी वह फरार है।इस बीच, पत्थर माफिया ने अपने वकील के माध्यम से सुरक्षा और दंडात्मक कार्रवाई से राहत (संरक्षण) की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में याचिका दायर कर उसने सुरक्षा की मांग की है।
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