- एसटीएफ ने आतंकी गतिविधि में लिप्त एक और व्यक्ति को किया गिरफ्तार
अशोक झा/ कोलकाता: आतंकवादी संगठन 'जैश-ए-मोहम्मद' से जान को खतरा होने की हालिया जानकारी के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अब बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे।पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की जांच से पता चला है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' (एसबीएन) ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमिम मंडल की महिला सहयोगी अर्पिता सरकार के जरिए पश्चिम बंगाल कैबिनेट के करीब छह मौजूदा सदस्यों के परिवारवालों को निशाना बनाया। वही दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आतंकी गतिविधियों से कथित संबंधों की जांच के सिलसिले में सोमवार को हावड़ा से एक और आरोपित को गिरफ्तार किया गिरफ्तार आरोपित की पहचान आदित्य सिंह उर्फ राज के रूप में हुई है। वह हावड़ा के बेलिलियस रोड का निवासी और उमेशचंद्र कॉलेज का द्वितीय वर्ष का छात्र है।
सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने रविवार रात उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ के बाद सोमवार सुबह उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे सोमवार को बर्धमान की अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई बर्धमान से गिरफ्तार हमीम मंडल से जुड़े मामले की जांच के दौरान की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आदित्य का हमीम मंडल से संपर्क था और उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
मामले की शुरुआत राज्य के नगर विकास विभाग के राज्यमंत्री उमेश चंद्र के पास पाकिस्तान से कथित धमकी भरे फोन आने के बाद हुई थी। आरोप है कि आबिद जट नामक व्यक्ति ने पाकिस्तान से फोन कर मंत्री की हत्या और उनके बेटे के अपहरण की धमकी दी थी। साथ ही मंत्री और उनके परिवार की पूरी जानकारी होने का भी दावा किया गया था। बाद में इस मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई।जांच के दौरान एसटीएफ ने पहले बर्धमान से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसकी महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संपर्क थे और पश्चिम बंगाल में आतंकी साजिश रचने की योजना बनाई जा रही थी। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि हामिम कुछ समय तक न्यू टाउन में रहा था और मुख्यमंत्री के आवागमन वाले मार्गों की रेकी की थी। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी जुटाने की भी कोशिश की गई थी। वहीं, अर्पिता सरकार पर कथित तौर पर 'हनी ट्रैप' के जरिए नेताओं, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से संवेदनशील जानकारियां हासिल करने का आरोप है।
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