- आखिर क्यों सड़क से सदन तक चिकन नेक को लेकर मचाया जा रहा है शोर
- घुसपैठिए के आड़ में राष्ट्र के साथ खेला जा रहा गंदा खेल, सुरक्षा के साथ गंदा मजाक
अशोक झा/ कोलकाता: चिकन नेक के खिलाफ साजिश कर रहे तीन पाकिस्तानी जासूस को बीएसएफ और बंगाल एसटीएफ ने पकड़ा है। इसमें एक बिहार के किशनगंज का रहने वाला है। अब सवाल उठता है कि क्यों सदन से सड़क तक बांग्लादेशी के आड़ में देश को अशांत करने की साजिश रचने का विरोध होता है। इसको लेकर इसके संरक्षकों को बुरा भी लगता है। अब जब संदिग्ध पकड़े गए है तो कई राज खुलेंगे। उत्तर बंगाल के कुचविहार भारत- बांग्लादेश बोर्डर सीताई से आतंकी संगठन अल कायदा का मॉड्यूल मिला है। राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल या एसटीएफ द्वारा चलाये गये एक गुप्त अभियान में अल कायदा के आतंकियों की जानकारी मिली है।इस गिरफ्तारी के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल और राज्य पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है।सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसियां और एसटीएफ (STF) आरोपियों से किसी अज्ञात स्थान पर पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने भारत में किस-किस इलाके की संवेदनशील जानकारी हासिल की थी. स्थानीय स्तर पर उनके कौन-कौन से मददगार हैं।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भेजने वाले थे सूचनाएं:
शुरुआती जांच में पता चला है कि तीनों संदिग्ध जासूस भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों, सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था और बीएसएफ की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां और नक्शे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भेजने की फिराक में थे इनके नाम रशीद उल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीक उल इस्लाम हैं। शफीक बिहार के किशनगंज जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। एसटीएफ ने आशंका जतायी है कि ये लोग बांग्लादेश के रास्ते भारतीय सिम पाकिस्तान भेजा करते थे। ये सिम कार्ड गलत पहचान के आधार पर खरीदे जाते थे।
बांग्लादेशी पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों का सहारा: सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय सीमा से जासूसी गिरोह के सक्रिय होने की गुप्त सूचना मिल रही थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से संदिग्ध बांग्लादेशी पासपोर्ट, फर्जी भारतीय पहचान पत्र और कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. फॉरेंसिक और कॉल डिटेल जांच में पता चला है कि आरोपी लगातार एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के जरिये पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर्स के संपर्क में थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने की फिराक में थे आरोपी: जांच अधिकारियों ने बताया है कि पकड़े गये तीनों आरोपी बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान भागने या वहां से नये निर्देश प्राप्त करने की योजना बना रहे थे. तभी सुरक्षा बलों ने उन्हें धर दबोचा। कुछ दिन पहले रकीब नाम के एक शख्स को उत्तर 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया गया था।उस व्यक्ति से पूछताछ के बाद एसटीएफ को यह मॉड्यूल मिला है। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक रकीब से पूछताछ के बाद दो आतंकियों की जानकारी मिली है।दरअसल, उत्तर 24 परगना जिले के शासन से दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया था. राज्य पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स ने गुप्त सूत्रों से सूचना मिलने के बाद इन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अब्दुर रकीब सरकार और काजी आह सान उल्लाह के रूप में हुई है. सभी आरोपियों का अल कायदा के साथ सीधे होने का दावा किया गया है. सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कई जगहों पर तोड़फोड़ की गतिविधियों के आरोप हैं।इन दोनों के नाम पर राज्य पुलिस के कई थानों में लिखित शिकायत भी दर्ज है।
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