- यह गिरोह गरीब लोगो को लालच देकर करता है मानव ऑर्गन की तस्करी
- बंगाल एसटीएफ ने बागुईआटी के आठघड़ा फुलतला इलाके से बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को किया गिरफ्तार
- रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी, इस धंधे में बड़े बड़े लोग
अशोक झा/ सिलीगुड़ी:
आजतक आपने बांग्लादेश से घुसपैठ,मवेशी तस्करी, जाली नोट, सोना, मादक पदार्थ की तस्करी की बातें पढ़ते और सुनते आए है लेकिन अब बंगाल में एक बड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय किडनी तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। जिसका तार बांग्लादेश से जुड़ गया है। इस मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) और बिधाननगर पुलिस ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बंगाल पुलिस ने रविवार को बताया कि स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कोलकाता में सीमा पार किडनी की तस्करी के रैकेट में शामिल एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। बंगाल एसटीएफ ने बागुईआटी के आठघड़ा फुलतला इलाके से बांग्लादेशी नागरिक रसेल अहमद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उसे विधाननगर दक्षिण थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसेल अहमद को इससे पहले वर्ष 2024 में भी किडनी तस्करी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस समय दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया था कि रसेल बांग्लादेशी नागरिक होने के बावजूद भारत में प्रवेश कर अवैध तरीके से आधार कार्ड और पैन कार्ड बनवाकर रह रहा था।बांग्लादेशी नागरिक को उत्तर 24 परगना की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस फिलहाल उससे इस रैकेट में शामिल उसके स्थानीय सहयोगियों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पूछताछ कर रही है। रिकॉर्ड से पता चलता है कि अहमद को 2024 में किडनी तस्करी रैकेट में शामिल होने के कारण गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसे दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।आरोप है कि वह पश्चिम बंगाल में किराए के मकान में रहकर किडनी तस्करी के नेटवर्क को फैलाने में सक्रिय था और उसने कई अन्य लोगों को भी इस गिरोह से जोड़ा था। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले पुलिस ने किडनी तस्करी गिरोह से जुड़े प्रभास मंडल नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उसके बयान से रसेल अहमद का नाम सामने आने के बाद एसटीएफ ने उसके खिलाफ कार्रवाई की।मिली जानकारी के अनुसार, भारत-बांग्लादेश सीमा क्षेत्र में इस कथित किडनी तस्करी नेटवर्क के तार फैले हुए हैं। गत 18 अगस्त को एक पीड़ित व्यक्ति के पिता ने पहली शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर विधाननगर पुलिस ने गिरोह के बिचौलिए प्रभास मंडल को गिरफ्तार किया था। गुर्दा तस्करी गिरोह का सरगना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निशाना बनाता था। वे गुर्दों को दूसरे राज्यों में ले जाते और उन्हें आकर्षक नौकरी का लालच देकर गुर्दे निकलवा देते थे। रसेल के पास से एक रेट चार्ट बरामद:
पुलिस जांच के दौरान गिरफ्तार रसेल के पास से एक रेट चार्ट बरामद हुआ. विभिन्न राज्यों के निजी अस्पतालों के कागजात भी मिले, जिनमें यह उल्लेख है कि किस अस्पताल में कितने गुर्दों की आवश्यकता है। रसेल से फिलहाल दक्षिण बिधाननगर पुलिस स्टेशन में पूछताछ चल रही है. उसे आज बिधाननगर अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
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