- घुसपैठ और अधूरी बाड़बंदी को लेकर शाह गंभीर
- कल लोकसभा में आएगा बंदे मातरम को लेकर बिल
अशोक झा/ कोलकाता: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह बंगाल दौरे पर हैं।रविवार (19 जुलाई) को उन्होंने सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। बताया जा रहा है कि इस बैठक में इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल और पुलिस महानिदेशक सिद्धनाथ गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। ये बैठक दक्षिण कोलकाता में हुई थी। अमित शाह की ये बैठक पश्चिम बंगाल लोक सुरक्षा एवं असामाजिक गतिविधियां नियंत्रण अधिनियम पारित होने के कुछ ही हफ्ते बाद हुई। इस सख्त कानून के तहत संगठित अपराध, जबरन वसूली, अवैध खनन, साइबर अपराध और लोक व्यवस्था भंग करने जैसी गतिविधियों से निपटने के लिए राज्य सरकार को व्यापक अधिकार दिए गए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अपने तीन दिवसीय बंगाल दौरे में इससे पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उत्तर बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसके साथ ही उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के लिए 77.06 करोड़ रुपएकी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया था।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले भी कई बार पश्चिम बंगाल में घुसपैठ, लचर कानून-व्यवस्था और बांग्लादेश के साथ खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा को लेकर गहरी चिंता प्रकट कर चुके हैं. शाह ने एक बार फिर दोहराया कि बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक बड़ा हिस्सा अब भी ऐसा है जहां बाड़ नहीं लगायी जा सकी है। जो सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है। पश्चिम बंगाल की भौगोलिक स्थिति सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि राज्य की 2,217 किलोमीटर लंबी सीमा बांग्लादेश से लगती है और इसके साथ ही इसकी सीमाएं नेपाल और भूटान जैसे देशों से भी सटी हुई हैं। यहां
स्वदेशी तकनीक और नये प्रोजेक्ट्स से अभेद्य होगी सीमा केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, सिलीगुड़ी के निकट एक बीएसएफ सीमा चौकी के निरीक्षण के दौरान गृह मंत्री ने घुसपैठ रोकने वाली स्वदेशी और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रौद्योगिकियों का जायजा लिया। रेडियो आधारित अलर्ट सिस्टम : इसमें एक विशेष रेडियो आधारित प्रणाली शामिल है, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा की बाड़ से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या घुसपैठ की कोशिश होते ही अलर्ट मोड पर आ जाती है और पहले से रिकॉर्ड किया गया संदेश प्रसारित कर सुरक्षाकर्मियों को तत्काल सतर्क कर देती है। 47 करोड़ की परियोजनाएं : अमित शाह ने डिजिटल माध्यम से 47 करोड़ रुपए की लागत वाली बीएसएफ की 3 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी. नया फेंसिंग प्रोजेक्ट : हाल ही में अधिग्रहीत भूमि पर 30 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 4 किलोमीटर लंबी नयी सीमा बाड़ (Border Fencing) के निर्माण का भी शिलान्यास किया गया।
कल बंदे मातरम पर लाया जाएगा नया कानून,तोड़ने वाले को तीन साल की होगी सजा : राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने सहित कई बिल 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस बिल पहले राज्यसभा करेंगे। इस बिल में प्रावधान किया गया है कि अगर कहीं कोई वंदे मातरम का अपमान करता है तो उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। जिस तरह से हमारे राष्ट्रगान जन गण मन को सम्मान दिया जाता है उसी तरह का सम्मान वंदे मातरम को भी देना जरूरी होगा।वंदे मातरम पर सरकार को जोर: ये बिल सरकार राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के साल भर चलने वाले जश्न के लेकर आई है. पिछले कुछ महीनों में सरकार ने राष्ट्रगीत को लेकर अपना रुख दुनिया के सामने रखा है। इस साल की शुरुआत में फरवरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए एक निर्देश में सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान बजाना या गाना जरूरी कर दिया था। सरकार की ओर से कहा गया था कि 'जन गण मन' से पहले वंदे मातरम गाया जाए।
विपक्ष क्या कह रहा है?
वंदे मातरम से जुड़े बिल को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है
कांग्रेस ने इसे संविधान के खिलाफ बताया है। इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इसे सरकार की गलत प्राथमिकता बता रही है।
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