- केंद्र से आए पत्राचार का बंगला और हिंदी में दिया जाएगा जवाब
अशोक झा/ कोलकाता: राज्य विधानसभा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आज इसकी घोषणा की है कि केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने माननीय मुख्यमंत्री को बंगाली भाषा के संबंध में पत्र लिखा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर बंगाली भाषा के इस्तेमाल की सलाह दी है। राज्य में सभी क्षेत्रों में बंगाली भाषा अनिवार्य होगी और सभी आधिकारिक कामकाज बंगाली में ही किए जाएंगे। ये नए नियम 1 सितंबर से लागू होंगे। उन्होंने सदन को बताया कि केंद्र से किसी प्रकार का पत्राचार होता है तो उसका जवाब बंगला के साथ हिंदी में भी दिया जाएगा। वहीं केंद्र सरकार के साथ आधिकारिक बातचीत के लिए हिंदी का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार 1 सितंबर से सभी तरह के पब्लिक कम्युनिकेशन चैनलों पर बंगाली भाषा का इस्तेमाल अनिवार्य कर देगी। इसमें नागरिकों के लिए सेवाएं, डिजिटल गवर्नेंस सिस्टम, एप्लीकेशन फॉर्म, सर्टिफिकेट, पोर्टल, वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, ट्रेनिंग का सामान, पब्लिक साइनबोर्ड, प्रेस रिलीज और दूसरी आधिकारिक बातचीत शामिल हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आज मैं आयोग की रिपोर्ट जारी कर रहा हूं, जिसे 2011 में TMC सरकार के दौरान जस्टिस सुशांत चटर्जी की अध्यक्षता में बनाया गया था। 1 सितंबर 2026 से सरकारी कामकाज में बांग्ला भाषा का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि भूमि और भूमि सुधार विभाग से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक का कामकाज बांग्ला भाषा में होगा।
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