- मुख्यमंत्री समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी रहे बैठक में मौजूद
अशोक झा/ कोलकाता: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन नए आपराधिक कानून देश की न्याय व्यवस्था को त्वरित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बना रहे हैं। सिलीगुड़ी उत्तर कन्या में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्य में इन कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने की। उन्होंने कहा कि ई-एविडेंस, ई-समन और आई-प्रिजन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म, सात साल से अधिक की सजा वाले अपराधों में अनिवार्य फोरेंसिक जांच, जीरो एफआईआर और प्रौद्योगिकी का उपयोग - ये तीन नए कानून बंगाल में सुशासन और त्वरित न्याय का एक नया अध्याय शुरू करेंगे। शाह ने कहा कि ये तीन नए आपराधिक कानून देश की न्याय व्यवस्था को तेज, अधिक पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बना रहे हैं। ई-एविडेंस, ई-समन और आई-प्रिजन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से, सात साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में अनिवार्य फोरेंसिक जांच, जीरो एफआईआर और प्रौद्योगिकी के इष्टतम उपयोग के साथ, ये तीन नए आपराधिक कानून पश्चिम बंगाल में सुशासन और त्वरित न्याय स्थापित करने में एक नया अध्याय शुरू करेंगे। समीक्षा बैठक में उत्तर बंगाल के छह सीमावर्ती जिलों दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। इसके अलावा बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक में सीमा क्षेत्र में सड़क, संचार नेटवर्क, चौकियों और निगरानी उपकरणों सहित आधारभूत ढांचे के विकास की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' भी कहा जाता है, उत्तर-पूर्व के आठ राज्यों को देश के शेष हिस्से से जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख स्थलीय संपर्क मार्ग है। लगभग 20 से 22 किलोमीटर चौड़ा यह कॉरिडोर सामरिक, आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। इसके पश्चिम में नेपाल, पूर्व में बांग्लादेश और उत्तर में भूटान स्थित होने के कारण इसकी रणनीतिक महत्ता और बढ़ जाती है।
बैठक के अंत में गृह मंत्री अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग तथा सीमा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के तीव्र विकास पर जोर देते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सीमा प्रबंधन को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप अधिक आधुनिक, प्रभावी और तकनीक आधारित बनाया जाए, ताकि भारत की संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सिलीगुड़ी कॉरिडोर की रणनीतिक महत्ता हर परिस्थिति में सुरक्षित बनी रहे।
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