- उत्तरकन्या में सेना के प्रमुख के साथ एयरफोर्स एवं अन्य अधिकारियों के साथ करेंगे समीक्षा बैठक
- दूसरे दिन नवनिवार्चित विधायकों को पढ़ाएंगे प्रशासनिक कार्यों का पाठ
अशोक झा / कोलकाता। चिकन नेक से सटे पड़ोसी राष्ट्र बांग्लादेश में इन दिनों वहां की सरकार ने बोगुरा में तुर्किये के साथ मिलकर सैन्य ड्रोन निर्माण संयंत्र स्थापित करने का फैसला किया है। यह फैक्ट्री बोगुरा एयरपोर्ट के पास बनाई जाएगी. सरकार यहां नया एयरबेस भी विकसित कर रही है। इसके साथ ही चीन की मदद से ऐतिहासिक लालमोनिरहाट एयरबेस को दोबारा विकसित किया जा रहा है। ठाकुरगांव एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जा रहा है। इसके पीछे विस्तारवादी देश की अहम भूमिक है। यही कारण है कि केंद्र की सरकार सीमाओं को पूरी तरह सुरक्षित करने का प्रण लिया है। यही कारण है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अपने दो दिवसीय बंगाल दौरे पर सिलीगुड़ी उत्तरकन्या में चिकन नेक की सुरक्षा को लेकर समीक्षात्मक बैठक करेंगे। इसमें बंगाल के मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे। बैठक में बीएसएफ, एसएसबी, राज्य पुलिस के महानिदेशक समेत सैन्य और नागरिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। उसके बाद वह कोलकाता लौट जायेंगे। वह बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों, जनप्रतिनिधियों को यह समझाएंगे की सरकार में रहते हुए प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कैसे किया जाए और साथ ही संगठन को भी समान रूप से मजबूत रखा जाए। दौरे के पहले दिन सिलीगुड़ी से लौट गृह मंत्री 18 जुलाई को हावड़ा में अमूल के प्रस्तावित दुनिया के सबसे बड़े दही संयंत्र का भी शिलान्यास करेंगे। अगले दिन भाजपा के सांसदों, विधायकों और प्रदेश नेतृत्व के साथ लंबी बैठक होगी। सिलीगुड़ी उत्तरकन्या में होने वाली बैठक से पहले मंगलवार को चीफ आफ आर्मी स्टाफ जनरल धीरज सेठ और पूर्वी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल वी.एम. भुवन कृष्णन ने सिलीगुड़ी में डेरा डाल दिया हैं। इसके कारण सीमाओं आर सुरक्षा गतिविधियां तेज हो गई हैं। बागडोगरा हवाई अड्डे पर सेना प्रमुख और पूर्वी कमान के प्रमुख का स्वागत सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त सैयद वकार रजा ने किया। इसके बाद दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को सुकना स्थित सेना की त्रिशक्ति कोर मुख्यालय ले जाया गया। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा 18 जुलाई की बैठक की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। सूत्रों की माने तो केंद्रीय गृहमंत्री की बैठक के पहले चीफ आफ आर्मी स्टाफ चिकेन-नेक के साथ बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसी बीच केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी पहाड़ के राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक गोपनीय बैठक कर क्षेत्र की सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा की है। यह पहला अवसर होगा जब केंद्रीय गृह मंत्री स्वयं सिलीगुड़ी पहुंचकर कारिडोर और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की सीधे समीक्षा करेंगे। राज्य में सरकार बदलने के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा अत्याधुनिक तार से घेराबंदी की प्रक्रिया ने भी रफ्तार पकड़ी है। राज्य की नई भाजपा सरकार ने कई विवादों का समाधान कर सीमा सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं को गति देने की पहल शुरू कर दी है।मुर्शिदाबाद को सबसे ज़्यादा जमीन मिली है, जहां 45.4 किमी में फेंसिंग के लिए 337 एकड़ जमीन है। नॉर्थ 24 परगना को 42.07 किमी के लिए 241.03 एकड़ जमीन मिली है, जबकि कूच बिहार को 39.39 किमी के लिए 135.33 एकड़ जमीन मिली है। मालदा में 20.15 किमी के लिए 176.78 एकड़, नादिया में 14.79 किमी के लिए 95.11 एकड़, दक्षिण दिनाजपुर में 7.75 किमी के लिए 26.41 एकड़, दार्जिलिंग में 1.45 किमी के लिए 4.31 एकड़, उत्तर दिनाजपुर में 1.28 किमी के लिए 6.61 एकड़ और जलपाईगुड़ी में 0.31 किमी के लिए 2.17 एकड़ शामिल हैं। कुल मिलाकर 172.6 किमी के लिए 1,024.75 एकड़ जमीन सौंपी गई है।भूमि के बाद सीमा पर और क्या परेशानी हो रही है इसकी समीक्षा कर उसका समाधान किया जाएगा।
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