- ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे कहा था कि वे बंगाल पुलिस को निर्देश दें कि इस गिरफ्तारी की खबर बाहर न आने दी जाए
- पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान से बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्वों को बल मिला
बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा: बांग्लादेश के छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान से बांग्लादेश में भारत विरोधी तत्वों को बल मिला है। बांग्लादेश के पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने ब्लिट्ज में लिखे एक लेख में कहा है। उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी के बयान के बाद बांग्लादेश में भारत-विरोधी भावनाओं के और भड़कने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे समय में जब बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बने हुए हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं ममता बनर्जी के बयान से एंटी-इंडिया नैरेटिव को बढ़ावा मिला है। दरअसल ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उन्हें बांग्लादेश में हुई एक 'बड़ी हत्या' के बारे में सब कुछ पता है। जागो न्यूज के मुताबिक उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार इसमें शामिल थी। उन्होंने आगे दावा किया कि जब इस हत्या के मामले में संदिग्धों को पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया तो गृह मंत्री अमित शाह ने खुद उन्हें फोन किया और उनसे इस खबर को दबाने के लिए कहा। ममता बनर्जी ने दावा किया कि जब उनकी पुलिस (STF) ने बांग्लादेशी हत्यारों को पकड़ा तो देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था।
ममता बनर्जी के उस्मान हादी हत्याकांड पर बयान पर विवाद
आरोपों के मुताबिक ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे कहा था कि वे बंगाल पुलिस को निर्देश दें कि इस गिरफ्तारी की खबर बाहर न आने दी जाए क्योंकि यह 'राष्ट्रीय हित' का मामला है। जागो न्यूज के मुताबिक ममता बनर्जी ने ये टिप्पणियां मंगलवार (2 जून) को कोलकाता के धर्मतला में Y-चैनल पर धरना प्रदर्शन करते हुए कीं। यह घटना तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के लगभग एक महीने बाद हुई। उनकी टिप्पणियां उस्मान हादी की हत्या की तरफ इशारा करती दिख रही हैं।
ममता ने कहा 'मुझे इस बारे में सब कुछ पता है कि हत्या को अंजाम देने के लिए आपने किसका इस्तेमाल किया था और किन लोगों के नाम सामने आए थे।' हालांकि ममता बनर्जी ने अपने बयान में भारत के गृहमंत्री का नाम लिया है और अमित शाह का नाम नहीं लिया है। बात बहुत साफ है कि ममता बनर्जी बहुत अच्छे से जानती हैं कि उनके बयान का क्या असर बांग्लादेश में होगा और भारत-बांग्लादेश संबंध पर होगा। उनके बयान से बांग्लादेश में भारत विरोधी भावनाओं में आग लगा दिया है।आपको बता दें कि उस्मान हादी बांग्लादेश के एक छात्र संगठन 'इंकलाब मंच' के संयोजक और एक मुखर युवा नेता थे।
वे भारत की नीतियों के कड़े आलोचक माने जाते थे और उनका आरोप था कि नई दिल्ली बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में दखल देती है। 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। इलाज के दौरान 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर भारत विरोध प्रदर्शन हुए थे
मार्च 2026 में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस हत्याकांड के दो मुख्य संदिग्धों फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन को गिरफ्तार किया था।
पुलिस जांच के अनुसार ये आरोपी हत्या के बाद मेघालय सीमा (हालुआघाट) के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और पश्चिम बंगाल में छिपे हुए थे।
बांग्लादेश में ममता बनर्जी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
बांग्लादेशी पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी ने लिखा है कि ममता बनर्जी के बयान को बांग्लादेश में भारत-विरोधी कार्यकर्ताओं और मीडिया संस्थानों ने हाथों-हाथ लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भारत और भारतीय जनता पार्टी को निशाना बनाने वाले आरोपों की बाढ़ सी आ गई है। कुछ कार्यकर्ता तो इस मामले को एक बड़ी साजिश के सबूत के तौर पर पेश कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि ये आरोप सही हों या गलत लेकिन इस तरह के विचारों का राजनीतिक असर अभी से ही दिखाई देने लगा है। उन्होंने लिखा है कि इस विवाद का समय भी काफी अहम है। खबरों के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर जल्द ही बांग्लादेश की एक अहम यात्रा पर जाने वाले हैं। ढाका और इस्लामाबाद के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने जिसमें रक्षा से जुड़े सहयोग भी शामिल हैं उसको लेकर चल रही चर्चाओं ने पूरे दक्षिण एशिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
उस्मान हादी के भाई को डिप्लोमेट बनाकर भेजा ब्रिटेन
चौधरी ने लिखा है कि ममता बनर्जी के बयान से अलग उस्मान हादी हत्याकांड बांग्लादेश के अंदर की राजनीति से जुड़ा है। हत्या की इस घटना के बाद उस्मान हादी के बड़े भाई शरीफ उमर हादी ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई सार्वजनिक आरोप लगाए थे। उन्होंने अपने इन बयानों में उन्होंने दावा किया था कि कुछ राजनीतिक हस्तियां और सरकारी अधिकारी उनके भाई की मौत से जुड़ी परिस्थितियों में शामिल थे और उन्होंने इस पूरे मामले की गहन जाँच की मांग की थी। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उस्मान हादी के भाई को एक कॉन्ट्रैक्ट के तहत ब्रिटेन भेज दिया गया और बर्मिंघम में एक राजनयिक पद पर नियुक्त कर दिया गया। जिससे सवाल उठते हैं कि क्या उनका मुंह बंद करवाने के लिए उन्हें अचानक बिना किसी योग्यता के एक डिप्लोमेट बनाकर ब्रिटेन भेज दिया गया?
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