- सांसद समेत गोजमुमो सुप्रीमो विमल गुरुंग ने किया अधिकारियों के साथ दौरा
अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के दार्जिलिंग जिले में बालासन नदी पर बने एक अस्थायी पुल का हिस्सा भारी बारिश के कारण शुक्रवार को ढह जाने से सिलिगुड़ी और मिरिक अनुमंडल के बीच वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। दिनभर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के भाग दौर और मिली रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुल निर्माण के बह जाने की जांच का आदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इसमें किसी प्रकार की कट मनी का मामला सामने आया तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि पुल का अस्थाई ब्रिज का निर्माण शुरू हुआ है। अक्टूबर 2025 में दुधिया स्थित लोहे का पुल ढह जाने के बाद एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में यह अस्थायी पुल बनाया गया था। एक अधिकारी ने कहा, ''लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से दुधिया स्थित अस्थायी ह्यूम पाइप पुल का एक हिस्सा ढह गया।'' उन्होंने बताया कि वाहनों की आवाजाही फिलहाल पंखाबाड़ी और कर्सियांग मार्गों से वैकल्पिक रास्तों के जरिये हो रही है।दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने क्षेत्र में बार-बार सामने आ रही इस तरह की समस्याओं के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
इस बीच, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पिछले वर्ष अक्टूबर में अचानक आई बाढ़ के दौरान पुराना दुधिया पुल बह गया था। नदी में जलप्रवाह अधिक होने और लगातार कटाव के कारण उसी स्थान पर (मिरिक मार्ग पर) निर्माणाधीन नया पुल भी खतरे में है।''अन्य एक अधिकारी ने बताया कि सरकार ने बालासन नदी पर एक स्थायी दो लेन वाले पुल के निर्माण के लिए 51 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इस पुल का निर्माण जारी है।घटना के बाद दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा ने घटनास्थल का दौरा किया और जमीनी हालात का जायजा लिया। उन्होंने इस इलाके में बार-बार कनेक्टिविटी की समस्या के लिए पिछली ममता बनर्जी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। बीजेपी सांसद ने कहा, "लोहे का पुल गिरने के बाद टीएमसी सरकार कोई पक्का ढांचा नहीं बना पाई। अस्थायी पुल घटिया तरीके से बनाया गया था और भारी बारिश के दौरान ऐसी समस्याओं का सामना करना तय था।" उन्होंने कहा कि अगर BRO या सेना की मदद से बेली ब्रिज बनाया गया होता, तो यह एक मजबूत और कामचलाऊ समाधान होता।
सांसद राजू बिस्टा ने कहा कि PWD एक पक्के पुल के प्रोजेक्ट के लिए अप्रोच रोड और उससे जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहा है। उन्होंने कहा कि बिना बांध के पुल बनाना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने कहा, "बांध के लिए एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके टेक्निकल रिव्यू के लिए जाधवपुर यूनिवर्सिटी भेजी जा चुकी है। मॉनसून का मौसम खत्म होने के बाद बांध का काम शुरू हो जाएगा। यही इस समस्या का एकमात्र दीर्घकालिक समाधान है।"
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