- दोहरी खुशी में बनेंगे प्रीमियम डालमिया के मैदा आटा और सूजी से पकवान
- बांटे जाएंगे लड्डू, बनेंगे हलवा पूड़ी (लुची), भाजपा समेत बंगाल वासियों में खुशी की लहर
अशोक झा/ कोलकाता: शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार ने 20 जून को 'पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस' के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की है। यह निर्णय 20 जून 1947 के उस ऐतिहासिक दिन की स्मृति में लिया गया है, जब बंगाल विधानसभा में बंगाल के बंटवारे और पश्चिम बंगाल राज्य के गठन का प्रस्ताव पारित हुआ था। तो भोज तो होगा ही। क्योंकि उसी दिन राज्य में पीएम मोदी आ रहे है। उसी दिन बंगालियों का लोकप्रिय पर्व जमाई षष्ठी है। ऐसे में राष्ट्रवाद और बंगाली संस्कृति की बात करने वाले प्रीमियम डालमिया के आटा सूजी और मैदा की डिमांड अभी से बढ़ गई है। आखिर हो भी क्यों नहीं क्योंकि इसके निदेशक सीताराम डालमिया गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते। बंगाली लोग "बारह महीनों में तेरह त्योहार" मनाने के लिए जाने जाते हैं, और उनमें से, जमाई षष्ठी एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण उत्सव के रूप में उभरता है। मुख्य रूप से, सासें अपने दामादों की भलाई और समृद्धि के लिए प्रार्थना करने हेतु यह रीति-रिवाज वाला व्रत रखती हैं। पीढ़ियों से, बंगाली परिवार जमाई षष्ठी के त्योहार से जुड़े विभिन्न रीति-रिवाजों और परंपराओं का पालन करते आ रहे हैं। सासें भोर से ही उपवास रखकर और पारंपरिक नियमों तथा प्रथाओं के एक विशिष्ट समूह का पालन करते हुए इस व्रत को पूरा करती हैं।जमाई षष्ठी 2026: तिथियां और समय: यह त्योहार आमतौर पर बंगाली महीने *ज्येष्ठ* के दौरान पड़ता है। इस वर्ष, जमाई षष्ठी शनिवार, 20 जून को पड़ रही है—जो बंगाली महीने *आषाढ़* के 5वें दिन के अनुरूप है। *षष्ठी तिथि* (शुभ चंद्र चरण) 19 जून को रात 10:16 बजे से 20 जून को रात 8:57 बजे तक रहेगी।
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