- 216 शिक्षार्थी और 50 की संख्या में वर्ग शिक्षक और प्रबंधक के रहे प्रशिक्षण
- भारत की पहचान केवल आर्थिक महाशक्ति बनना नहीं है, भारत को पुनः विश्व गुरु बनना है :राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे,
अशोक झा/ सिलीगुड़ी: विश्व हिंदू परिषद् उत्तर बंग प्रान्त का मुख्यालय सिलीगुड़ी महा नगर में है विश्व हिंदू परिषद् का प्रशिक्षण वर्ग हर वर्ष की भाँति इस बार मालदह जिले के गाजोल में घाशकोल स्थित रामकृष्ण सेवाश्रम संघ में चल रहा है यह प्रशिक्षण वर्ग दस दिन का होगा। एक जून से लेकर दस जून तक यह जारी रहेगा। इस वर्ग में 216 शिक्षार्थी और 50 की संख्या में वर्ग शिक्षक और प्रबंधक है इस वर्ग के उदघाटन के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद् के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे, प्रांत संगठन मंत्री अनूप मंडल, प्रांत सह संगठन मंत्री बुबाई नस्कर, प्रांत उपाध्यक्ष विभा सरकार प्रांत मंत्री लक्ष्मण बंसल, मातृ शक्ति प्रमुख सोमा दे आदि अधिकारी वृन्द उपस्थित थे। विश्व हिंदू परिषद् के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहा कि इस प्रशिक्षण वर्ग में संगठन के बारे में विस्तार से बताया। सेवा सुरक्षा संस्कार और हिंदू धर्म और हिंदू समाज की रक्षा की खातिर प्रशिक्षित किया जायेगा। कहा विश्व हिन्दू परिषद् शिक्षा वर्ग भारतवर्ष, जिसकी धरती पर वेदों की ऋचाएँ गूँजीं, जहाँ प्रभु श्रीराम ने धर्म की स्थापना की, भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया और बुद्ध, महावीर व गुरुनानक जैसे महापुरुषों ने मानवता का मार्ग प्रशस्त किया वह भारत आज पुनः से विश्व को दिशा देने की स्थिति में है, परन्तु इस साँस्कृतिक पुनर्जागरण के समय हमारे समक्ष अनेक चुनौतियाँ भी हैं जैसे मतांतरण, लव जिहाद, जनसँख्या असंतुलन, मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण और डिजिटल माध्यमों से सनातन सँस्कृति पर हो रहे सुनियोजित आघात। इन समस्त परिस्थितियों में विश्व हिन्दू परिषद्ध समाज को जागरुक कर रही है। युवाओं को प्रशिक्षित कर रही है। विहिप के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग आज के हिन्दू युवा को केवल इतिहास का बोध ही नहीं कराते, बल्कि उसे शारीरिक रूप से दक्ष, बौद्धिक रूप से तेजस्वी और आत्मिक रूप से जाग्रत बनाते हैं। इन वर्गों में उसे नेतृत्व, सेवा, संगठन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना सिखाई जाती है। वह युवा फिर न केवल अपने जीवन में परिवर्तन लाता है, बल्कि समाज में भी जागरण का दीप जलाता है। आज भारत ने वैज्ञानिक और राजनीतिक नेतृत्व दिखाया है। परन्तु भारत की पहचान केवल आर्थिक महाशक्ति बनना नहीं है, भारत को पुनः विश्व गुरु बनना है और यह तभी संभव है, जब हमारे युवा धर्मनिष्ठ, सँस्कारित और सशक्त बनें।विश्व हिन्दू परिषद् इस लक्ष्य की सिद्धि में प्रतिबद्ध है। वह ऐसा युवा गढ़ रही है, जो आधुनिकता को आत्मसात करते हुए अपनी सनातन संस्कृति कीरक्षा और विस्तार का ध्येय लेकर आगे बढ़ता है। आइए, हम सब इस साँस्कृतिक यज्ञ के होता बनें, कार्यकर्ता बनें, समाज को जागृत करें और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाएँ।
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/