- पुलिस घटनाक्रम को री-कंस्ट्रक्ट किया जा रहा है
- फर्जी नंबर प्लेट और हमले की प्री-प्लानिंग के संकेत
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा के बीच बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।इस की मामले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार रात गोली लगने के बाद चंद्रनाथ रथ को विवासिटी हॉस्पिटल लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मेरे पास कहने को शब्द नहीं है।वहीं, पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यह ठंडे दिमाग से की गई सुनियोजित हत्या है। उन्होंने दावा किया कि वारदात से पहले दो से तीन दिनों तक रेकी की गई और उसके बाद पूरी योजना के तहत हमला किया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस जांच शुरू कर चुकी है और कुछ अहम सुराग भी मिले हैं।उन्होंने कहा, 'हम इस घटना से बेहद दुखी हैं और इसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। दिल्ली से पार्टी का पूरा शीर्ष नेतृत्व लगातार जानकारी ले रहा है। गुरुवार देर रात करीब 1:30 बजे डीजीपी गुप्ता अस्पताल पहुंचे।
उन्होंने कहा, ''हत्या में इस्तेमाल की गई गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट थी। घटनास्थल से इस्तेमाल किए गए कारतूसों के खोखे और कुछ कारतूस भी बरामद किए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है। फिलहाल मैं इससे ज्यादा जानकारी नहीं दे सकता।''
इस बीच, राज्य पुलिस सूत्रों ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि शुरुआत में ऐसा लगा था कि चंद्रनाथ रथ की कार का काफी देर तक एक चार पहिया गाड़ी पीछा कर रही थी। जब उनकी गाड़ी मध्यग्राम के दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तब पीछा कर रही गाड़ी ने उनकी कार को ओवरटेक कर रास्ता रोका और हमलावरों ने उन पर गोली चला दी।
हालांकि, बाद की जांच में पता चला कि चंद्रनाथ रथ की गाड़ी का असल में चुपचाप एक मोटरसाइकिल से पीछा किया जा रहा था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब उनकी गाड़ी दोहरिया मोड़ पर पहुंची, तब एक चारपहिया वाहन ने रास्ता रोका और मोटरसाइकिल सवार ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस सटीक तरीके से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या थी और इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे। पुलिस को अब तक कई अहम सुराग मिले हैं, जिसमें संदिग्ध कार की बरामदगी, फर्जी नंबर प्लेट और हमले की प्री-प्लानिंग के संकेत शामिल हैं।
संदिग्ध कार जब्त:
मामले की जांच कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। शूटआउट में इस्तेमाल एक संदिग्ध कार को जब्त किया गया है। कार पर सिलीगुड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर था, लेकिन जांच में यह नंबर नकली और छेड़छाड़ किया हुआ निकला। डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वाहन की नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। घटनास्थल से जिंदा कारतूस और फायरिंग के खोखे भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस कार के जरिए हमलावरों की पहचान तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।सीने में लगी गोलियां, मौके पर ही मौत
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ को दो गोलियां सीने में लगीं, जो सीधे दिल में जाकर लगी। एक गोली पेट (एब्डॉमेन) में भी लगी। अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने साफ कहा कि उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं था।
CCTV और सबूतों से कड़ियां जोड़ने की कोशिश:
पुलिस अब तकनीकी जांच पर फोकस कर रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हमलावरों की पहचान और मूवमेंट ट्रैक करने की कोशिश जारी है। फॉरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को री-कंस्ट्रक्ट किया जा रहा है।
कैसे हुआ हमला?
अब तक की जांच और चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने काफी देर तक चंद्रनाथ रथ की कार का पीछा किया।मध्यमग्राम के दोहरिया-जेसोर रोड के पास कार को रोका गया। बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ रास्ते में गाड़ी धीमी कर रहे थे, उसी दौरान हमला हुआ। हमलावरों ने पहले विंडशील्ड पर फायरिंग की, फिर सीधे आगे की सीट पर बैठे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हमले के दौरान उनके साथ मौजूद पीएस बुद्धदेव और ड्राइवर घायल हो गए।जांच में सामने आया है कि हमलावर कार और बाइक दोनों से आए थे। पहले एक चार पहिया वाहन ने टारगेट कार को रोका। इसके बाद बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की।वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस को शक है कि हमले में शामिल सभी वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं।
क्या यह प्री-प्लान्ड मर्डर था?
जांच और हमले के पैटर्न कई सवाल खड़े कर रहे हैं. लंबे समय तक रेकी (सर्विलांस) के संकेत मिले हैं। फर्जी नंबर प्लेट और भागने का रास्ता तैयार था ऐसी जानकारी भी पुलिस को मिली है। साथ ही पुलिस ने यह भी कहा कि टारगेट पर फायरिंग सटीक तरीके से की गई.
बीजेपी और खुद सुवेंदु अधिकारी ने इसे प्री-प्लान्ड और टारगेटेड किलिंग बताया है। सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि 2-3 दिनों तक रेकी की गई थी और पूरी साजिश रची गई।
कौन थे चंद्रनाथ रथ? : एयरफोर्स से VRS लेकर बने सुवेंदु के PA, पहले TMC से जुड़ा था परिवार, हत्या से बवाल
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और PA थे। वे पहले भारतीय वायुसेना में कार्यरत रहे थे। नौकरी छोड़कर राजनीति में सक्रिय हुए। भवानीपुर सीट पर चुनाव के दौरान भी उनकी सक्रिय भूमिका बताई जा रही है।
राजनीतिक घमासान तेज: इस हत्या के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है. बीजेपी ने इस हत्या के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है। विधायक कौस्तव बागची ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है। अमित मालवीय ने इसे प्री-प्लान्ड और टारगेटेड किलिंग बताया। उन्होंने आगे कहा, 'यह 15 साल के महाजंगलराज का नतीजा है। बीजेपी सरकार जब अपना काम शुरू करेगी तो धीरे-धीरे गुंडों को साफ किया जाएगा। 'घटना की जानकारी पार्टी को दे दी गई: शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सिर्फ चंद्रनाथ रथ ही नहीं, बल्कि भाजपा के एक कार्यकर्ता को बशीरहाट में गोली मारी गई और दूसरे कार्यकर्ता को बारानगर में चाकू मारा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह से पहले से सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। उनके मुताबिक, 2 से 3 दिनों तक रेकी की गई थी और उसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी को दे दी गई है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी मृतक के परिवार और पुलिस अधिकारियों से बात की है। भाजपा के कई विधायक और नेता भी मौके पर पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि यह 15 साल के महा जंगलराज का नतीजा है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब राज्य में गुंडागर्दी खत्म करने का काम करेगी। चंद्रनाथ रथ की हत्या में कितने लोग थे शामिल?
बता दें कि चंद्रनाथ रथ की बुधवार (6 मई 2026) देर रात मध्यमग्राम इलाके में जेसोर रोड के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक वह कार में जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी रोकी और करीब से गोलियां चला दी। गंभीर हालत में उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद भाजपा नेताओं ने इसे टारगेटेड हमला बताया है। भाजपा नेता सुजय कुमार डे ने कहा कि हमले में चार से पांच बाइक शामिल थी।और हमलावर सीधे चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाकर आए थे। उन्होंने कहा कि कार में ड्राइवर भी मौजूद था, लेकिन सिर्फ चंद्रनाथ रथ को गोली मारी गई। भाजपा नेता केया घोष ने भी आरोप लगाया कि यह हमला राजनीतिक गुस्से और बदले की भावना से किया गया।
तृणमूल कांग्रेस ने हत्या की निंदा की: तृणमूल कांग्रेस ने भी इस हत्या की निंदा की है और कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्या की कोई जगह नहीं है।
TMC पर भड़के बीजेपी नेता: इस घटना पर टीएमसी को आड़े हाथ लेते हुए बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने कहा है, 'ममता बनर्जी का जो भतीजा है वह स्पष्ट रूप से खूनी आदमी है। उसको एक पागल आदमी ने एक बार थप्पड़ मारा था, उसको 7 साल बाद पीसकर मार दिया था। उसको हार बर्बाद नहीं हो रही है। अब उसने बंगाल के लोगों को एक मैसेज दिया है और उस मैसेज में उसने चंद्रनाथ रथ की हत्या करवाई है। बिना तृणमूल के लिए यह काम कोई कर ही नहीं सकता है। आजकल रेकी करना बहुत आसान काम है और जहां एजेंसी ही मिली हुई हो, वहां तो और आसान काम है।' घटना के बारे में पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा है, 'हमने जांच शुरू कर दी है और एक गाड़ी सीज की है जिसे इस घटना में इस्तेमाल किया गया है। गाड़ी का नंबर फर्जी है। जो नंबर गाड़ी पर था, वह सिलीगुड़ी का है लेकिन वह उस गाड़ी का नंबर नहीं है। हमने कई कारतूस बरामद किए हैं जिसमें जिंदा कारतूस भी शामिल हैं। अभी हम इतनी ही जानकारी दे सकते हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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