- अब सवाल यह है कि भवानीपुर हार के लिए कराई गई चंद्रनाथ रथ की हत्या?
- हमलावर के गिरफ्तारी से ही उठेगा इस हत्याकांड से पर्दा
बंगाल में मुख्यमंत्री की रेस में टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए और ममता को दो दो बार चुनाव हरा चुके सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है। लेकिन इस बीच एक बड़ी घटना हो गई हैं और वो ये की पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना स्थित मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई।बंगाल के कई बीजेपी नेताओं का कहना है कि चंद्र की हत्या के पीछे टीएमसी की हार की खुन्नस है। उनकी मेहनत की वजह से ही सुवेंदु से ममता भवानीपुर सीट जीत नहीं सकीं।इस सवाल का जवाब यह है कि सुवेंदु की भवानीपुर की जीत में उनके PA चंद्र का अहम रोल था। चंद्रनाथ रथ ही वह शख्स थे जिन्होंने भवानीपुर में सुवेंदु के लिए बहुत काम किया था. बढ़िया चुनाव कैंपेनिग से लेकर जमीनी स्तर पर लोगों के जुड़ने तक, इस सब में चंद्र का रोल अहम था. भवानीपुर में मुकाबला ममता और सुवेंदु के बीच था. ममता बनर्जी इस सीट पर चुनाव हार गईं. वहां की जनता ने सुवेंदु पर भरोसा जताया।
चंद्र चुनाव प्रचार प्रबंधन और राजनीतिक समन्वय से जुड़े कामकाज देखते थे. वह बीजेपी के भवानीपुर चुनाव अभियान में मुख्य टीम का हिस्सा थे. कहा ये भी जा रहा है कि सुवेंदु बंगाल सरकार में अहम जिम्मेदारी संभालते तो चंद्र को कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती थी। बीजेपी इसके लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहरा रही है। सवाल ये भी है कि चंद्र से आखिर टीमसी की क्या ही खुन्नस हो सकती है।जबकि असली मुकाबला तो ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी के साथ था। टीएमसी को भवानीपुर में हराया तो सुवेंदु ने फिर निशाने पर चंद्र क्यों? सुवेंदु की भवानीपुर की जीत में PA चंद्र का रोल जानें
इस सवाल का जवाब यह है कि सुवेंदु की भवानीपुर की जीत में उनके PA चंद्र का अहम रोल था। चंद्रनाथ रथ ही वह शख्स थे जिन्होंने भवानीपुर में सुवेंदु के लिए बहुत काम किया था।बढ़िया चुनाव कैंपेनिग से लेकर जमीनी स्तर पर लोगों के जुड़ने तक, इस सब में चंद्र का रोल अहम था। भवानीपुर में मुकाबला ममता और सुवेंदु के बीच था. ममता बनर्जी इस सीट पर चुनाव हार गईं. वहां की जनता ने सुवेंदु पर भरोसा जताया.
चंद्र चुनाव प्रचार प्रबंधन और राजनीतिक समन्वय से जुड़े कामकाज देखते थे. वह बीजेपी के भवानीपुर चुनाव अभियान में मुख्य टीम का हिस्सा थे. कहा ये भी जा रहा है कि सुवेंदु बंगाल सरकार में अहम जिम्मेदारी संभालते तो चंद्र को कोई बड़ी जिम्मेमेदारी मिल सकती थी.
टीएमसी की हार की खुन्नस: बंगाल के कई बीजेपी नेताओं का कहना है कि चंद्र की हत्या के पीछे टीएमसी की हार की खुन्नस है. उनकी मेहनत की वजह से ही सुवेंदु से ममता जीत नहीं सकीं. बीजेपी नेता कीया घोष का कहना है कि चंद्रा का क्या यही दोष था कि उसने भवानीपुर चुनाव में सुवेंदु अधिकारी के लिए बहुत काम किया और भवानीपुर से ममता बनर्जी हारी, क्या इसी गुस्से में यह किया गया है? गाड़ी रोककर उसकी गाड़ी के सामने आकर लगातार गोली चलाई गई. सुवेंदु ने ममता बनर्जी को हराया है, इसलिए इस हताशा में यह किया गया है.करीब दो दशकों से चंद्रनाथ रथ सुवेंदु अधिकारी के साथ जुड़े हुए थे। इस दौरान उन्होंने संगठन के भीतर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे न सिर्फ लॉजिस्टिक्स और मैनेजमेंट संभालते थे, बल्कि कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच संवाद स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाते थे।पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, उन्हें सुवेंदु अधिकारी का सबसे भरोसेमंद सहयोगी माना जाता था। वे अक्सर चुनावी रणनीति, अभियान प्रबंधन और संवेदनशील राजनीतिक कार्यों में शामिल रहते थे। भाजपा के भवानीपुर जैसे महत्वपूर्ण चुनाव अभियानों में भी वे कोर टीम का हिस्सा रह चुके थे।हत्या के बाद राजनीतिक हलचल तेज: इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अलग-अलग दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं, जिससे माहौल और गरमा गया है। प्रशासन के लिए यह मामला अब एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, क्योंकि जांच के साथ-साथ राज्य में कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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