- नतीजों से पहले कोलकाता में हाई-वोल्टेज ड्रामा, स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठे TMC दिग्गज
कही जीत हार की कथा तो नहीं हो रही पटकथा प्लांट,पश्चिम बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम 'ड्रामा', टीएमसी और बीजेपी में ठनी
बंगाल में मतगणना से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया है. गुरुवार को टीएमसी नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। इस दौरान बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सबको धांधली का डर है. पश्चिम बंगाल में गुरुवार की शाम से रात तक गहमागहमी का माहौल था।आलम तो यह हो गया कि खुद ममता बनर्जी को आनन-फानन में अपने विधानसभा क्षेत्र में डेरा डालना पड़ गया।दरअसल, टीएमसी यानी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने स्ट्रॉन्ग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं. वहीं, चुनाव आयोग को भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना पड़ा कि कोई गड़बड़ी नहीं है. स्ट्रॉंग रूम सुरक्षित है. चलिए जानते हैं शाम से रात तक की बंगाल में बवाल की पूरी कहानी।
दरअसल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं और मतदान एजेंट से ईवीएम स्ट्रांग रूम की चौबीसों घंटे निगरानी करने को कहा है. इसके बाद टीएमसी उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र में अनियमित गतिविधियों का आरोप लगाया. खुद वहां धरना दिया जबकि निर्वाचन आयोग ने उनके आरोपों को खारिज किया।
कब और कैसे गरमाया बंगाल का माहौल?
यह मामला उस समय और गरमा गया जब भाजपा के मानिकतला उम्मीदवार तापस रॉय, चौरंगी से पार्टी प्रत्याशी संतोष पाठक के साथ मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से सवाल किया कि उन्होंने इतने संवेदनशील स्थल पर तृणमूल के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा होकर नारेबाजी करने की अनुमति क्यों दी. इस दौरान शहर में तेज बारिश के बीच दोनों पक्षों के समर्थक 'जय बांग्ला' और उसके जवाब में 'जय श्री राम' के नारे लगाते रहे. इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और सुरक्षा बलों को हालात को काबू में रखने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
टीएमसी ने क्या आरोप लगाए
तृणमूल के नेताओं ने आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरों से लाइव-स्ट्रीम किए गए फुटेज में स्ट्रांग रूम के अंदर बाहरी लोगों की मौजूदगी दिखाई दी, जो मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने केंद्र में मतदान सामग्री के प्रबंधन से संबंधित इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मतदान अधिकारी उचित प्रक्रिया के अनुसार डाक मतपत्रों को अलग करने में लगे हुए थे और स्ट्रांग रूम सुरक्षित हैं.
ममता बनर्जी भी धरने पर बैठ गईं
दरअसल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव रिजल्ट से पहले गुरुवार को ईवीएम को लकर बवाल हो गया है। ममता बनर्जी की टीएमसी ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम की सील तोड़ी गई है. ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई. इसके बाद ममता ने एक आवाज लगाई और देखते ही देखते टीएमसी के नेता काउंटिंंग सेंटर के बाहर धरने पर बैठ गए।कुछ देर बाद ममता बनर्जी भी भागी-भागी आईं और खुद भवानीपुर के काउंटिंग सेंटर पहुंचीं। टीएमसी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने भी जवाब दिया. चुनाव आयोग ने का कहना है कि कहीं स्ट्रांग रूम का ताला नहीं तोड़ा गया है। सब अफवाह फैलाई जा रही है. पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि आधी रात काउंटिंग सेंटर के अंदर पोस्टल बैलेट को अलग करने की प्रक्रिया चल रही थी और सभी पार्टियों को इसके बारे में पहले ही बता दिया गया था। टीएमसी कैंडिडेट ने क्या कहा?
उधर बेलेघाटा से तृणमूल उम्मीदवार घोष ने कहा, 'पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3:30 बजे तक स्ट्रांगरूम के बाहर मौजूद थे। अचानक एक ईमेल आया, जिसमें बताया गया कि स्ट्रांगरूम शाम चार बजे फिर से खोला जाएगा। हमने अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया और उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं. इसके बाद हम तुरंत वहां पहुंचे। अब हमें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. भाजपा कार्यकर्ताओं को बुलाया जा रहा है.' घोष ने प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लाइव स्ट्रीमिंग में स्ट्रांगरूम के अंदर की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं. उन्होंने कहा, 'मतपत्र अंदर ले जाए जा रहे हैं. फिर भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी कह रहे हैं कि कुछ नहीं हो रहा है. अगर डाक मतपत्रों से जुड़ी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं, तो वे आए कहां से? अगर ईमेल भेजा गया था, तो हमें सूचित क्यों नहीं किया गया?।
कहां हुआ बवाल, क्या है चुनाव आयोग का जवाब
यह प्रदर्शन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के एक दिन बाद हुआ. मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) खुदीराम अनुशीलन केंद्र में बनाए गए स्ट्रांगरूम में रखी गई हैं. हालांकि, निर्वाचन आयोग ने केंद्र में मतदान सामग्री में छेड़छाड़ से संबंधित आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी प्रक्रियाओं का विधिवत पालन किया गया और स्ट्रांगरूम सुरक्षित हैं.
ममता भागी-भागी पहुंचीं स्ट्रांगरूम
इस बीच, ममता बनर्जी रात को भवानीपुर के स्ट्रांगरूम पहुंचीं और ईवीएम में छेड़छाड़ और धांधली का आरोप लगाया. काउंटिंग सेंटर पर धांधली के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद आधी रात शेखावत मेमोरियल स्कूल में बने काउंटिंंग सेंटर के बाहर धरना देती दिखीं. वह खुद ईवीएम की रखवाली कर रही हैं. ममता की मौजूदगी देखकर बीजेपी कार्यकर्ता भी वहां जमा हो गए. इसके बाद माहौल गरम हो गया. भाजपा और टीएमसी वाले आमने-सामने भी आ गए. मगर किसी तरह की झड़प नहीं हुई.
वहीं, श्यामपुकुर से पार्टी प्रत्याशी पांजा ने भी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा, 'स्ट्रांगरूम बेहद संवेदनशील होता है. अगर इसे खोला जाता है, तो सभी राजनीतिक दलों को सूचित किया जाना चाहिए. किसी को सूचित क्यों नहीं किया गया?'
ममता की एक अपील और जुट गए टीएमसी वाले
इससे पहले दिन में एक वीडियो संदेश में ममता ने पार्टी नेताओं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से मतगणना के दौरान अत्यधिक सतर्क रहने और स्ट्रांगरूम की गतिविधियों पर करीबी नजर रखने का आग्रह किया था. तृणमूल सुप्रीमो ने कहा था, टआपको मतगणना केंद्रों की निगरानी करनी होगी. जरूरत पड़ने पर मैं भी अपने क्षेत्र में निगरानी के लिए जाऊंगी. उम्मीदवारों को अपने केंद्रों की निगरानी खुद करनी होगी. सतर्क रहें. अगर मैं कर सकती हूं, तो आप भी कर सकते हैं. ईवीएम मशीन को ले जाते समय उन्हें बदलने की योजना है। इसे हल्के में न लें। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/