अशोक झा/ कोलकाता: बंगाल के बहुचर्चित प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी आज तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी से पूछताछ कर रही है। ये पूछताछ ईडी के कोलकाता मुख्यालय में जारी है।टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी कोलकाता में ईडी ऑफिस पहुंच गए हैं। ईडी अभिषेक से कैश-फॉर-स्कूल-जॉब स्कैम में पूछताछ कर रही है। एजेंसी उनसे इस पूरे मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग, पैसों के लेन-देन और भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल कर रही है। दरअसल, ये मामला पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार करते हुए ऐसे उम्मीदवारों को नौकरी दी गई जो या तो योग्य नहीं थे। कम नंबर वाले थे या फिर चयन सूची में उनका नाम ही नहीं था।
पैसे लेकर नौकरी दिलाने के लिए पूरा नेटवर्क खड़ा किया बंगाल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया ने।
ईडी का दावा है कि कुछ लोगों ने पैसे लेकर नौकरी दिलाने का पूरा नेटवर्क खड़ा किया था। इस नेटवर्क के जरिए योग्य उम्मीदवारों की जगह पैसे देने वाले लोगों को फायदा पहुंचाया गया। इस मामले में ED ने 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून यानी PMLA के तहत जांच शुरू की। ED की जांच की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की उस FIR से हुई, जो कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश के बाद 2022 में ही दर्ज की गई थी। CBI और ED दोनों एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि भर्ती घोटाले से जुटाया गया पैसा कहां गया। किन लोगों तक यह पहुंचा और किस तरह इस पैसे को छिपाने या दूसरी जगह लगाने की कोशिश की गई। इस मामले में सबसे बड़ा नाम पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी का सामने आया। ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके अलावा उनकी करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी पर भी कार्रवाई की गई थी। ईडी की ओर से उन्हें 3 जून को नोटिस जारी कर 15 जून की दोपहर 12 बजे तक एजेंसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था। इस मामले में सीबीआई और ईडी दोनों की चार्जशीट में अभिषेक का नाम है। इससे पहले रविवार को विधायकों के फर्जी साइन मामले में CID ने अभिषेक से 8 घंटे पूछताछ की थी। इस मामले में अभिषेक को फिर से 16 जून को CID के सामने पेश होना है।
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अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पुलिस की रेड
अभिषेक के कालीघाट स्थित घर पर कोलकाता पुलिस ने 13 जून देर रात 3 बजे छापा मारा। पुलिस टीम सेंट्रल फोर्स के जवानों के साथ पहुंची। पुलिस अधिकारी अंदर गए, जवान गेट के बाहर पहरा देते रहे। तलाशी अभियान करीब 4 घंटे तक चला।
छापे की सूचना मिलते ही ममता बनर्जी तुरंत अभिषेक के घर आईं, थोड़ी देर रुकीं फिर वापस चली गईं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह छापेमारी अभिषेक के पीए सुमित रॉय का पता लगाने के लिए की गई थी।
अभिषेक ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ताला तोड़कर घर में घुसे और हर कमरे की तलाशी ली। अभिषेक के घर छापेमारी ऐसे वक्त की गई जब फर्जी हस्ताक्षर मामले में उनके खिलाफ CID जांच जारी है।
अभिषेक बोले- मैं जांच से कभी नहीं भागा
अभिषेक ने कहा कि ED हो, CBI हो या CID, जब-जब बुलाया गया मैं जांच में शामिल हुआ हूं। गुरुवार को भी CID के सामने साढ़े पांच घंटे बैठकर सवालों के जवाब दिए हैं। अगर मैं घर पर नहीं था तो नोटिस घर में मौजूद किसी व्यक्ति को दिया जा सकता था। अगली बार आने से पहले मुझे फोन कर दें।
ममता बनर्जी के खिलाफ कोलकाता में FIR
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ममता की 9 मार्च की स्पीच का वीडियो शेयर किया था।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ 12 जून को कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई है। ममता पर आरोप है कि उन्होंने 9 मार्च को चुनाव प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिया था।
यह शिकायत तुषार कांती दास ने की है। उनका कहना है कि ममता के बयान से सांप्रदायिक सौहार्द और राज्य की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता था।

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