- भवानीपुर से हार जाएंगी ममता बनर्जी, 70 सीटों पर सिमट जाएगी पार्टी
- मालदा की घटना के लिए पूरी तरह सीएम ममता जिम्मेदार, दे देना चाहिए त्यागपत्र
बंगाल विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। माना जा रहा था कि इस बार बंगाल में मुकाबला बीजेपी बनाम टीएमसी के बीच है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीतिक समीकरण बदलती जा रही है। इसी कड़ी में टीएमसी छोड़ टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया। वह ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के साथ गठबंधन किया है। उनके साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरी है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी हिमायूं कबीर और उनकी पार्टी के साथ चुनाव में कंधा से कंधा मिलाकर चुनाव में टीएमसी को सत्ता से बेदखल करेंगे। आम जनता उन्नयन पार्टी सुप्रीमो हिमायूं कबीर ने दावा किया है कि वह बंगाल के मुख्यमंत्री बन रहे है। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस दौरान बंगाल के चुनावी माहौल और हालिया मालदा हिंसा पर भी तीखी चर्चा हुई। मालदा हिंसा को लेकर जब उनसे पूछा गया कि बीते दो दिनों से मालदा की सिचुएशन पर देश भर में हंगामा है। जो कुछ हुआ मालदा में उसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस पर हुमायूं कबीर ने साफ कहा कि ममता बनर्जी इस हिंसा की जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि ममता अभी भी मुख्यमंत्री और पुलिस मंत्री हैं। कानून-व्यवस्था संभाल नहीं पा रहीं तो इस्तीफा दे दें।
'मास्टरमाइंड' मुफीजुल इस्लाम पर सवाल, AIMIM लिंक से पल्ला झाड़ा;
आगे जब उनसे कहा गया कि मालदा हिंसा का आरोपी मुफीजुल इस्लाम AIMIM से जुड़ा नेता है और वह एमआईएम के टिकट पे चुनाव लड़ चुका। उसको बागडोगरा से सीआईडी ने उठाया। अब यह इल्जाम आप पर और आपके अलायंस पर लग रहा है कि आप लोगों ने मालदा की सिचुएशन खराब की। चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ आप लोगों ने बदतमीजी की। SIR प्रक्रिया और मुसलमानों की दिक्कतों पर निशाना: हिमायूं कबीर ने चुनाव आयोग की चल रही SIR प्रक्रिया को गलत करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े राज्य में इसे गलत तरीके से लागू किया जा रहा है और मुसलमान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर भी हमला बोला उन्होंने कहा कि वे कहती हैं SIR नहीं मानेंगी, लेकिन उन्हीं ने 80,000 बीएलओ की नियुक्ति कर इसे लागू कराया। 130 सीटों पर जीतकर मैं खुद बनूंगा बंगाल का सीएम : हुमायुं कबीर ने साफ कहा कि वे ही बंगाल के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। ओवैसी भी यही चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 130 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनेगी, जबकि भाजपा 100 से कम सीटों पर रुक जाएगी। वहीं, उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि इन चुनावों में टीएमसी 70 से नीचे चली जाएगी। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को दो सीटों से 50,000 से अधिक वोटों से हराने का दावा भी किया और मुर्शिदाबाद में टीएमसी का 'सूपड़ा साफ' करने की बात कही।
कुर्सी के लिए BJP-TMC दोनों से समर्थन लेने को तैयार:
जब पूछा गया कि अगर बहुमत नहीं मिला तो क्या वे BJP को सपोर्ट करेंगे? इस पर कबीर ने कहा कि हम किसी को समर्थन नहीं देंगे। बल्कि सरकार बनाने के लिए दूसरों से समर्थन लेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि जो भी लिखित समर्थन देगा, वे उसी के सहारे सरकार बनाएंगे, चाहे वह भाजपा हो या तृणमूल कांग्रेस। जब उनसे पूछा गया कि चुनाव के बाद वे बीजेपी या टीएमसी में से किसका समर्थन करेंगे, तो हुमायूं कबीर ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने बस इतना कहा कि 4 मई के बाद जो भी उन्हें कुर्सी के लिए समर्थन देगा, वे उसी के साथ जाएंगे। वहीं, जब जोर देकर उनसे पूछा गया कि 4 मई के बाद उनका मेन 'दुश्मन' कौन होगा, तो हुमायूं कबीर बार-बार टालते रहे और फिर अचानक चलते बने।
कैसे भवानीपुर में ममता बनर्जी को हटाने की चल रही कवायद:
ममता बनर्जी के खिलाफ एक गैर-बंगाली मुस्लिम उम्मीदवार पूनम बेगम को मैदान में उतारने का ऐलान किया है।
भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी को उतारने और हुमायूं कबीर के एक गैर-बंगाली मुस्लिम उम्मीदवार को उतारने को ममता बनर्जी को सियासी चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश मानी जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि ममता बनर्जी इस सियासी चक्रव्यूह से कैसे बाहर निकलती हैं? टीएमसी की रणनीति क्या होगी?2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम में ममता बनर्जी बीजेपी के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी से 1956 मतों से पराजित हुई थीं। उसके बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल की थी. इस बार बीजेपी ने फिर से भवानीपुर में उनके खिलाफ सुवेंदु अधिकारी को खड़ा कर कड़ी चुनौती पेश की है। सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उतारकर बीजेपी ने सीएम को राजनीतिक चक्रव्यूह में फंसाने की कोशिश की है।
ममता को सीमित रखने की बीजेपी की कोशिश:
बीजेपी की कोशिश है कि ममता बनर्जी को भवानीपुर तक ही सीमित रखें. उनके पूरे राज्य में प्रचार को सीमित करें और उन्हें रक्षात्मक लड़ाई के लिए मजबूर करें. इस कदम से ममता बनर्जी के भवानीपुर में ज्यादा समय बिताने और पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में कैंपेन करने के प्लान पर असर पड़ सकता है, खासकर जहां मुकाबला कड़ा है.
ममता बनर्जी चुनाव में तृणमूल की टॉप स्टार कैंपेनर होंगी और हर उम्मीदवार अपने चुनाव क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी की उम्मीद करेगा, ताकि उनके चांस बढ़ सकें. ममता के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी को खड़ाकर बीजेपी ममता बनर्जी को बांधने की कोशिश की है.
साइकोलॉजिकल फाइट में मात देने की तैयारी
बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगहों से मैदान में उतारा है. पार्टी का मकसद तृणमूल लीडरशिप पर लगातार प्रेशर बनाना है. यह सिर्फ चुनावी कदम होने से ज्यादा साइकोलॉजिकल फाइट भी है. भवानीपुर को प्रतिष्ठा की लड़ाई बनाकर बीजेपी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को वहां फिजिकली भी रोकने की उम्मीद कर रही है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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