पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के दौरान उन्होंने जोरदार शक्ति प्रदर्शन भी किया, जहां बड़ी संख्या में समर्थक उनके साथ नजर आए। ममता बनर्जी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भवानीपुर उनका घर है और वह यहां की 'बेटी' हैं। उन्होंने जनता से आशीर्वाद और समर्थन मांगा।उनके भाषण में स्थानीय जुड़ाव और भावनात्मक अपील साफ दिखाई दी।भवानीपुर को एक अहम सीट माना जाता है। यहां पहले भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला है, लेकिन ममता बनर्जी इसे अपना मजबूत गढ़ मानती हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस बार भी इसी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
800 मीटर पैदल चलकर नामांकन करने पहुंची ममता :
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जब नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए कालीघाट स्थित अपने आवास से रवाना हुईं तो उनके साथ समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी। अपने चिर अंदाज में हाथ जोड़कर ममता बनर्जी ने सड़क के दोनों ओर कतार में खड़े पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन किया। इस दौरान वह लगभग 800 मीटर पैदल चलकर अलीपुर सर्वे बिल्डिंग पहुंचीं जहां नामांकन पत्र दाखिल किया।
शुभेंदु अधिकारी से होगा ममता बनर्जी का मुकाबला:
भवानीपुर से तीन बार विधायक रह चुकीं ममता बनर्जी का मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी से होगा। शुभेंदु अधिकारी ने पिछले सप्ताह इस सीट से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक शक्ति का भी प्रदर्शन किया था। भवानीपुर की लड़ाई प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है और यह निर्वाचन क्षेत्र 2026 के विधानसभा चुनावों का प्रतीकात्मक केंद्र बन गया है।
यहां पर रहते हैं सभी धर्मों के लोग: इस निर्वाचन क्षेत्र में बंगाली मध्यमवर्गीय परिवारों के अलावा बड़ी संख्या में मारवाड़ी, गुजराती, पंजाबी, सिख और जैन आबादी रहती है। साथ ही एक बड़ी मुस्लिम आबादी का भी इलाके में निवास है। आंकड़ों के मुताबिक भवानीपुर में लगभग 42 प्रतिशत मतदाता बंगाली हिंदू हैं, 34 प्रतिशत गैर-बंगाली हिंदू और लगभग 24 प्रतिशत मुस्लिम हैं। भवानीपुर के लगभग तीन-चौथाई मतदाता हिंदू हैं। राजनीतिक दल अक्सर भवानीपुर को 'मिनी इंडिया' के रूप में वर्णित करते हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट)

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