-500 करोड़ रुपये पहले ही हस्तांतरित किए जा चुके, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड राज्य में जुलाई से वितरित
अशोक झा/ कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को घोषणा की कि उनकी सरकार को राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में सुधार के लिए चालू वित्त वर्ष में केंद्र से लगभग 3,000 करोड़ रुपये मिलने की मंजूरी मिली है जिसमें से 500 करोड़ रुपये पहले ही हस्तांतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्ड राज्य के लाभार्थियों को इस साल जुलाई से वितरित किए जाने की संभावना है। शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबन्ना से एक डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 2,103 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है जिसमें से एक-चौथाई यानी 500 करोड़ रुपये केंद्र पहले ही हस्तांतरित कर चुका है।'' उन्होंने कहा कि केंद्र ने इस वित्त वर्ष में आयुष्मान भारत योजना के लिए निर्धारित 976 करोड़ रुपए का अपना हिस्सा भी आवंटित कर दिया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ''कुल मिलाकर हमें 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी मिली है, जिसमें से 500 करोड़ रुपये हमें पहले ही मिल चुके हैं।"मुख्यमंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ करीब एक घंटे की डिजिटल बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि बंगाल की पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार द्वारा जारी स्वास्थ्य साथी कार्ड रखने वाले करीब छह करोड़ लोगों को पहले चरण में आयुष्मान भारत योजना के दायरे में लाया जाएगा और बाद में लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों ने स्वास्थ्य साथी कार्ड का विकल्प नहीं चुना था, उन्हें भी अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा, ''हमें उम्मीद है कि हम आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण जुलाई से शुरू कर देंगे, जिसके लिए पंजीकरण का काम पहले ही शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आयुष्मान आरोग्य मंदिर नेटवर्क में शामिल होने के लिए केंद्र के साथ जून के पहले सप्ताह में एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहा है ताकि राज्य के प्रवासी निवासियों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि स्वास्थ्य विभाग राज्य संचालित स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य सेवा कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया तेज करेगा।
उन्होंने कहा, ''पिछली सरकार के दौरान इस क्षेत्र में भर्ती दर बेहद कम थी। यह राष्ट्रीय स्तर की 98 प्रतिशत दर के मुकाबले केवल 53 प्रतिशत रही। हम अगले तीन महीने में पारदर्शी भर्ती नीति के जरिए इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरेंगे।''
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि केंद्र के साथ असहयोग और विरोध की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार की नीति के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में हर स्तर पर नकारात्मक माहौल बन गया था, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
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