-कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी अजय राणा दे के कंधों पर
- कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए किया गया प्रशासनिक बदलाव
भारत चुनाव आयोग पूरे बंगाल में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था, दोनों पर अपना पूर्ण नियंत्रण दिखाने के लिए एक ज़ोरदार कवायद में जुटा हुआ प्रतीत होता है।जो बंगाल के लिए अनोखी है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य में कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की गई हैं। सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है। वहीं नटराजन रमेश बाबू को डीजी, करेक्शनल सर्विसेज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनावों की घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय के भीतर, राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) को बदल दिया गया। ADG (कानून और व्यवस्था) और DG (जेल) के पदों में भी बदलाव किए गए। इसके अलावा, अजय नंदा को कोलकाता पुलिस का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। सिद्धीनाथ गुप्ता ने नए DGP का पदभार संभाला है, जबकि अजय रानाडे ने ADG (कानून और व्यवस्था) की भूमिका संभाली है। : इसके अलावा अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बनाया गया है। वहीं अजय कुमार नंद को कोलकाता का नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए यह प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। राज्य में चुनावी माहौल के बीच सरकार और प्रशासन दोनों सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं। तबादलों को लेकर ज्ञानेश कुमार ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा ये सारे तबादले पश्चिम बंगाल में भयमुक्त और हिंसारहित चुनाव कराने के मकसद से किये गए हैं। पुलिस महकमे में आज हुए ट्रांसफर से पहले चुनाव आयोग राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को भी बदल चुका है। सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण मतदान के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए ये कदम उठाने जरूरी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में अफसरशाही में और तबादले करेगा। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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