- जब तक मैं जीवित हूं, बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का काम नहीं होगा
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राम नवमी से पहले एक जनसभा में कहा कि भगवान राम सबके हैं। दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने यह बयान दिया। भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) से उम्मीदवार ममता बनर्जी ने कहा कि भगवान राम किसी एक दल या विचारधारा की संपत्ति नहीं हैं। उन्होंने अपने भाषण में कहा, 'भगवान राम आपकी प्रॉपर्टी नहीं हैं। भगवान राम सबके हैं। राम नवमी सभी के लिए है।' उनके इस बयान को पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। खासकर ऐसे समय में जब धार्मिक मुद्दे अक्सर चुनावी बहस का केंद्र बन जाते हैं। ममता बनर्जी ने इस दौरान चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पर उन्होंने चुनाव आयोग से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची से नाम क्यों हटाए गए हैं। लोगों को सच जानने का पूरा अधिकार है।' मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव बेहद जरूरी हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।बनर्जी ने दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी उपमंडल के नक्सलबाड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर 'गलत तरीके से बनाई गई एसआईआर' नीति को लागू करके लोगों को 'तकलीफ पहुंचाने' का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री बनर्जी ने मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित पूरक सूची की भौतिक प्रतियां तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जानकारी का सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा, 'मुझे बताया गया है कि विचाराधीन 27 लाख मतदाताओं में से आठ लाख नाम पहली पूरक सूची से हटा दिए गए हैं। लेकिन वह सूची कहां है? उस सूची की भौतिक प्रति अभी तक सरकारी कार्यालयों में क्यों नहीं लगाई गई हैं?' उन्होंने कहा, 'सूची प्रकाशित होने के बाद ही मैं जानकारी की पुष्टि कर सकती हूं।' न्यायिक पड़ताल के दायरे में आए लगभग 60 लाख मतदाताओं के नामों की पहली पूरक सूची सोमवार देर रात निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित की गई। लेकिन निर्वाचन आयोग ने अभी तक उस सूची में सत्यापित मतदाताओं की कुल संख्या या हटाए गए मतदाताओं की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब बुजुर्ग नागरिकों को एसआईआर की कतारों में खड़ा किया जाता है और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए जाते हैं, तो 'भाजपा उन्हीं लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कैसे कर सकती है?' उन्होंने घोषणा की, 'जब तक मैं जीवित हूं, बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का काम नहीं होगा और न ही कोई निरुद्ध शिविर बनने दिया जाएगा।' पश्चिम बंगाल में 294-सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे। परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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