बंगाल में 70 करोड़ के जाली नोट संग दंपति गिरफ्तार, 12 मोबाइल फोन व एक लग्जरी कार भी बरामद
मार्च 10, 2026
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बंगाल के 24 परगना के बेलघरिया इलाके में नकली नोटों के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक दंपति को गिरफ्तार किया है और उनके फ्लैट से करीब 70 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। यह छापेमारी कमरहटी नगरपालिका के अंतर्गत सरतपल्ली इलाके में स्थित उनके अपार्टमेंट में की गई। इस मामले में एक नेपाली नागरिक समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने नकली नोटों से भरे कई बक्से, 12 मोबाइल फोन और एक लग्जरी कार भी बरामद की है।जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
कई वर्षों से इलाके में रह रहा था दंपति: जांचकर्ताओं के मुताबिक गिरफ्तार दंपति की पहचान दीपा धर और उनके पति अरिंदम धर के रूप में हुई है। दीपा स्थानीय निवासी है, जबकि अरिंदम मूल रूप से सोनारपुर के हरिणावी इलाके का रहने वाला है। अधिकारियों के अनुसार यह दंपति कई वर्षों से सरतपल्ली इलाके में रह रहा था। खुफिया अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क तब सक्रिय हुआ जब दंपति 2024 में नेपाल गया और वहीं से कथित तौर पर तस्करी के गिरोह से जुड़ गया। इसके बाद से उनके संपर्क कई संदिग्ध लोगों से बढ़ने लगे थे। वीडियो कॉल से व्यापारियों को बनाते थे निशाना:
जांच में सामने आया है कि आरोपी वीडियो कॉल के जरिए व्यापारियों को नकली नोटों के बंडल दिखाते थे। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी वाले व्यापारिक सौदों में निवेश करने के लिए लुभाया जाता था और यह भरोसा दिलाया जाता था कि निवेश करने पर उनकी रकम दोगुनी कर दी जाएगी। बताया जा रहा है कि कई लोग इस झांसे में आकर पैसा लगाने को तैयार हो जाते थे। इसी तरीके से आरोपियों ने कथित तौर पर बड़ी रकम जुटाई और अपने अवैध कारोबार को आगे बढ़ाया।
आलीशान जीवन शैली के लिए करते थे खर्च: अधिकारियों का कहना है कि दंपति इस पैसे का इस्तेमाल अपनी आलीशान जीवन शैली बनाए रखने में करता था।जानकारी के मुताबिक वे अक्सर देर रात तक पार्टियां आयोजित करते थे, जिनमें व्यापारियों को भी बुलाया जाता था। फिलहाल जांच एजेंसियां नकली नोटों के असली स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क की संलिप्तता है। गिरफ्तार किए गए सभी सात लोगों से पूछताछ जारी है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।अधिकारियों का मानना है कि 70 करोड़ रु. की इतनी बड़ी खेप का इस्तेमाल मतदान से ठीक पहले वोटरों को प्रभावित करने, अवैध लेनदेन करने या राज्य में काले धन के प्रवाह को बढ़ाने के लिए किया जाना था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिस फ्लैट से ये नोट बरामद हुए, वहां अक्सर देर रात तक महंगी पार्टियां चलती थीं और रसूखदार लोगों का आना-जाना लगा रहता था। पड़ोसियों को पहले से ही कुछ संदिग्ध होने का आभास था, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी की उम्मीद किसी को नहीं थी। फिलहाल, एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की आर्थिक सुरक्षा और चुनाव की शुचिता से जुड़ा मामला है। पुलिस अब उन 'सफेदपोश' चेहरों की तलाश कर रही है, जो इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पीछे से संरक्षण दे रहे थे। (बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट)
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