- चुनाव और एसआईआर के नाम पर बंगाल को अशांत करना चाहती है सीएम
- जो राष्ट्रपति, राज्यपाल और चुनाव आयोग का नहीं करती सम्मान उससे क्या कर सकते है उम्मीद
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की परिवर्तन यात्रा मंगलवार को सिलीगुड़ी पहुंची। शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरती हुई यह यात्रा माटीगाड़ा होते हुए नक्सलबाड़ी तक पहुंची। यात्रा के दौरान भाजपा नेत्री रुपा गांगुली ने कहा कि लोगों का उत्साह और जुनून यह साबित करता है कि राज्य में परिवर्तन होना तय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। जातिगत विभाजन हो या सांप्रदायिक हिंसा इसके आग में झोंककर सरकार बंगाल में भाजपा को बदनाम करना चाहती है। चुनाव और एसआईआर के नाम पर बंगाल को अशांत करना चाहती है। जो सीएम राष्ट्रपति, राज्यपाल और चुनाव आयोग का नहीं करती सम्मान उससेआप सभी क्या कर सकते है उम्मीद। भाजपा आपके साथ है और आगे भी रहेगा। इस यात्रा की शुरुआत सेवक रोड स्थित खाटू श्याम मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहर के अंदर से होकर आगे बढ़ा। इस परिवर्तन यात्रा में भाजपा के विधायक शंकर घोष, शिखा चटर्जी और दीपक बर्मन सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। यात्रा के दौरान सिलीगुड़ी के हाशमी चौक में एक सभा का भी आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। नेताओं ने राज्य में कथित भर्ती घोटाले, महिला उत्पीड़न और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को उठाते हुए सरकार बदलने का आह्वान किया।भाजपा नेताओं ने कहा कि परिवर्तन यात्रा के माध्यम से राज्य के लोगों तक सरकार के खिलाफ संदेश पहुंचाया जा रहा है। भाजपा की परिवर्तन यात्रा के मद्देनजर मंगलवार को नक्सलबाड़ी बस स्टैंड पर एक सभा भी आयोजित की गई। सभा की तैयारी के तहत सोमवार रात भाजपा कार्यकर्ता बस स्टैंड इलाके में पार्टी के झंडे लगा रहे थे। यह विवाद सिलीगुड़ी सब-डिविजनल काउंसिल के अध्यक्ष और तृणमूल नेता अरुण घोष तथा माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन के बीच कार्यक्रम स्थल के पास की तैयारियों को लेकर हुआ। इसी दौरान स्थानीय भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन वहां तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उसी इलाके में तृणमूल नेता और सिलीगुड़ी सब-डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के अध्यक्ष अरुण घोष का घर भी है। दो दिन बाद उसी स्थान पर तृणमूल कांग्रेस की भी एक बैठक प्रस्तावित है। इस कारण तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भी अपने पार्टी के झंडे लगाने शुरू कर दिए, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। मंगलवार सुबह भाजपा विधायक आनंदमय बर्मन ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस हमारी सभा को विफल करने की योजना बना रही थी। परिवर्तन यात्रा और सभा को लेकर जनता की प्रतिक्रिया से वे डर गए हैं, इसलिए यहां परेशानी खड़ी कर रहे हैं। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा के झंडे हटाकर वहां सत्तारूढ़ दल के झंडे लगाने की साजिश कर रहे थे। हालांकि तृणमूल नेता अरुण घोष ने इस आरोप को खारिज कर दिया। घोष ने कहा कि भाजपा ने इस क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं किया है। सारा विकास ममता बनर्जी ने किया है। यहां के लोगों से पूछिए, सभी यही कहेंगे। एसआईआर के बाद मतदाता सूची से कई नाम हटा दिए गए हैं। इस बार यहां लोग भाजपा को वोट नहीं देंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आनंदमय बर्मन ने कहा कि असली जवाब तब मिलेगा जब विधानसभा चुनाव के बाद हिंदू वोटों की गिनती होगी। पहले यह बताइए कि आप यहां से कैसे जीतेंगे। सूचना पाकर नक्सलबाड़ी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए केंद्रीय बलों ने इलाके में रूट मार्च किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस भी तैनात कर किए गए हैं। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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