पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का बिगुल बजने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। 12 मार्च को नयी दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक का मुख्य एजेंडा बंगाल की 294 सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नाम तय करना और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना है।
दिग्गजों की मौजूदगी में होगा मंथन;
बैठक की अध्यक्षता भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा जैसे कद्दावर नेता शामिल होंगे। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में यह बैठक इसलिए भी अहम है, क्योंकि पार्टी इस बार 'विनेबिलिटी' (जीतने की क्षमता) को आधार बनाकर कई नये चेहरों को मौका दे सकती है।2021 की चूक से लिया सबक: पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था इस बार पार्टी का लक्ष्य 148 के जादुई आंकड़े को पार करना है. दिल्ली में होने वाली इस बैठक में राज्य इकाई द्वारा भेजे गये पैनल के नामों पर गहन चर्चा होगी। बंगाल चुनाव के साथ ही आयोग अगले कुछ दिनों में 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर सकती है।
बंगाल के बाद अन्य राज्यों की बारी: बीजेपी की रणनीति साफ है, सबसे चुनौतीपूर्ण राज्य पश्चिम बंगाल पर पहले फोकस किया जाये. बंगाल और केरल के उम्मीदवारों पर चर्चा के बाद ही समिति तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों के उम्मीदवारों पर विचार करेगी। केरल पर भी नजर: बैठक में केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए भी उम्मीदवारों पर प्राथमिक चर्चा होगी. हालांकि, केरल में भाजपा का वर्तमान में कोई विधायक नहीं है, लेकिन पार्टी वहां अपना खाता खोलने और वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए विशेष रणनीति बना रही है। ( बंगाल से अशोक झा की रिपोर्ट )
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