जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर एक शादी समारोह में सरेआम फायरिंग कर दी गई। यह हमला उस वक्त हुआ जब फारूक अब्दुल्ला अपने सुरक्षा घेरे के साथ समारोह से बाहर निकल रहे थे।गनीमत रही कि गोली उन्हें छूकर निकल गई और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर को मौके पर ही दबोच लिया. इस हमले में डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी को मामूली चोटें आई हैं. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने बिल्कुल करीब आकर पीठ पर रिवाल्वर सटाई और ट्रिगर दबा दिया।हमलावर कमल सिंह जामवाल आखिर कौन है और उसका बैकग्राउंड क्या है?
पुलिस की गिरफ्त में आए हमलावर की पहचान 61 वर्षीय कमल सिंह जामवाल के रूप में हुई है. वह जम्मू के पुराने शहर का निवासी है और आर्थिक रूप से संपन्न बताया जा रहा है.
जानकारी के मुताबिक, कमल सिंह का जन्म 1963 में हुआ था और जम्मू के ओल्ड सिटी इलाके में उसकी अपनी कई दुकानें हैं. वह इन दुकानों से मिलने वाले किराए के जरिए अपना जीवन यापन करता है।पहली नजर में एक सामान्य दुकानदार दिखने वाले इस शख्स के दिमाग में नफरत की गहरी जड़ें थीं।
पुलिस ने उसके पास से एक लाइसेंसी पिस्तौल बरामद की है, जिससे उसने फारूक अब्दुल्ला पर हमला किया. उसके सफेद बाल और साधारण पहनावे के कारण किसी को शक नहीं हुआ कि वह एक बड़ी साजिश को अंजाम देने आया है.
कमल सिंह जामवाल ने पुलिस को पूछताछ में क्या-क्या बताया?: पूछताछ के दौरान आरोपी कमल ने जो खुलासे किए हैं, वे सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ाने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, कमल ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से फारूक अब्दुल्ला की हत्या करने की योजना बना रहा था। वह बस एक सही मौके की तलाश में था। आज उसे पता चला कि उसके चचेरे भाई के बेटे की शादी में फारूक अब्दुल्ला भी शामिल होने वाले हैं। कमल को भी इस शादी में न्योता मिला था. उसे लगा कि यह मौका सबसे बेहतर है क्योंकि शादी के शोर-शराबे और भीड़ में वह आसानी से निशाना साध सकता है। उसने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल साथ रखी और जैसे ही डॉक्टर साहब बाहर निकलने लगे, उसने पीछे से आकर हमला कर दिया।
एनएसजी और जेड प्लस सुरक्षा घेरे में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई?: फारूक अब्दुल्ला को एनएसजी और जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, फिर भी एक हथियारबंद शख्स उनके इतने करीब कैसे पहुंच गया? मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। प्रत्यक्षदर्शी विधायक एजाज अहमद जान ने बताया कि हमलावर बहुत तेजी से दौड़ते हुए आया और डॉक्टर साहब की पीठ पर रिवाल्वर रख दी।यह सुरक्षा में एक भारी चूक है कि एक लोडेड हथियार शादी समारोह के भीतर तक पहुंच गया। अगर सुरक्षाकर्मी उसे तुरंत जमीन पर पटककर पिस्तौल न छीनते, तो परिणाम बेहद डरावने हो सकते थे।।फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कमल सिंह किसी संगठन से जुड़ा है या वह अकेले ही इस नफरत को पाल रहा था। ( अशोक झा की रिपोर्ट )
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