- 209 सीटों पर दर्ज कर चुकी है जीत,जमात ए इस्लामी को मात्र 68 सीटों पर ही हुई है जीत
- तारीख रहमान होंगे बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री,नहीं मनाया जाएगा कोई जश्न
बांग्लादेश में चुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है, तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) प्रचंड जीत हासिल करती हुई नजर आ रही है।शुक्रवार को जारी चुनाव आयोग के केंद्र-आधारित परिणामों के मुताबिक पार्टी अब तक 209 सीटें जीत चुकी है, जिससे उसकी सरकार बनाने की राह लगभग साफ नजर आ रही है।बीएनपी ने 209 सीट पर जीत दर्ज कर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है. जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को 68 सीटें मिली हैं। चुनाव आयोग जल्द ही आधिकारिक घोषणा करेगा। बीएनपी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि बड़े अंतर से जीतने के बावजूद कोई जश्न की रैली नहीं निकाली जाएगी।मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर रही है. देशभर से लगातार नतीजे सामने आ रहे हैं और तस्वीर लगभग साफ होती जा रही है कि संसद में इस बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. यह चुनाव 2024 के छात्र आंदोलन और सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार हुआ है. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने और अंतरिम सरकार के गठन के बाद जनता को पहली बार सीधे वोट देने का मौका मिला. अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसे ‘नए बांग्लादेश की शुरुआत’ बताया और लोगों से शांतिपूर्ण मतदान की अपील की थी.
आरोप, तनाव और हिंसा की खबरें
मतदान के बीच कई विवाद भी सामने आए. आवामी लीग ने चुनाव को ‘दिखावा’ बताते हुए धांधली, धमकी और दमन के आरोप लगाए. कुछ जगह पोलिंग एजेंटों को रोकने और पत्रकार पर हमले की खबर आई. मुंशीगंज में मतदान केंद्र के बाहर धमाका हुआ, जबकि ढाका और खुलना में झड़पों की घटनाएं सामने आईं, जिनमें एक बीएनपी नेता की मौत हो गई. इसके अलावा मतदान से पहले नकदी बरामदगी, केंद्रों में घुसपैठ और बैलेट से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों ने माहौल को और संवेदनशील बना दिया. हालांकि चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान कहीं नहीं रुका और हालात नियंत्रण में हैं.
मुकाबले की तस्वीर
इस बार आवामी लीग मैदान से बाहर है, जिससे मुकाबला मुख्य रूप से बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले मोर्चे के बीच माना जा रहा है. दोनों पक्ष जीत को लेकर आश्वस्त हैं. युवाओं की बड़ी भूमिका और एआई आधारित प्रचार जैसे नए तत्व इस चुनाव को अलग पहचान दे रहे हैं।चुनाव के दौरान कई जगह से हिंसा की खबरें आईं. गोपालगंज, मुंशीगंज और कुमिला में पोलिंग बूथों के बाहर देसी बम से विस्फोट किए गए. खुलना में पोलिंग बूथ पर BNP नेता की झड़प के बाद मौत हो गई है. चुनाव के दौरान 4 लोगों की मौत की खबर है.
शेख हसीना के 15 साल लंबे शासन के गिरने के बाद यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है. बांग्लादेश में 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद पहली बार आम चुनाव हुए हैं, जिसके कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था. देश में 11 राजनीतिक दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही जमात-ए-इस्लामी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाले गठबंधन की मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी है. अल्पसंख्यकों को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को दूर करते हुए बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख ने किसी भी प्रकार के भेदभाव को खारिज कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे मजबूत दावेदार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) है, जो वर्तमान सर्वेक्षणों में 50% से अधिक समर्थन हासिल कर रही है. पार्टी की कमान अब तारीक रहमान के हाथों में है, जो 17 साल के आत्मनिर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में देश लौटे।बांग्लादेश में साल 2007 में सेना के समर्थन वाली कार्यवाहक सरकार के कार्यकाल के दौरान तारिक़ रहमान को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. क़रीब अठारह महीने जेल में रहने के बाद सितंबर, 2008 में रिहा होने पर वह सपिरवार लंदन चले गए थे.
तारिक़ वहां से क़रीब 17 साल बाद बीते साल दिसंबर में ढाका लौटे थे।
ख़ालिदा ज़िया की हालत और बिगड़ने के बाद तारिक़ रहमान 26 दिसंबर को ढाका लौटे। 18 महीने जेल और 17 साल लंदन में बिताने के बाद इसी के ज़रिए बांग्लादेश की राजनीति में तारिक रहमान की वापसी हुई।
इसके कुछ दिनों बाद ही 30 दिसंबर को ख़ालिदा जिया का निधन हो गया।उसके 10 दिनों बाद इस साल नौ जनवरी को बीएनपी की राष्ट्रीय स्थायी समिति ने औपचारिक तौर पर तारिक़ को पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया।
हालांकि ख़ालिदा ज़िया को साल 2018 में भ्रष्टाचार के एक मामले में सज़ा होने के बाद से ही तारिक़ लंदन में रहते हुए कार्यवाहक अध्यक्ष के तौर पर अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहे थे।
उससे पहले साल 2002 में ख़ालिदा ज़िया ने उनको पार्टी का वरिष्ठ संयुक्त महासचिव मनोनीत किया था. सात साल बाद 2009 में बीएनपी के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में उनको वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
#बांग्लादेशचुनाव #तारिकरहमान
दुनियाभर के घुमक्कड़ पत्रकारों का एक मंच है,आप विश्व की तमाम घटनाओं को कवरेज करने वाले खबरनवीसों के अनुभव को पढ़ सकेंगे
https://www.roamingjournalist.com/