बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहते हुए शेख हसीना को मजबूरी में अपना देश छोड़ना पड़ा था। वो जुलाई 2024 के विद्रोह में किसी तरह जानकर बचाकर भारत शरण लेने पहुंची थीं। तब से लेकर अब तक वो यहीं है और बांग्लादेश से उन्हें बार-बार लौटाए जाने की डिमांड हो रही है।वहीं, चुनाव में आवामी लीग के साथ हुई नाइंसाफी पर शेख हसीना चीख पड़ी हैं।हाल ही में उन्होंने बांग्लादेश वापसी की तैयारी कर ली है। शेख हसीना ने दिल्ली में मीटिंग के बाद एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद ढाका में हलचल तेज हो गई है। 'अपने वतन लौटना होगा' : शेख हसीना: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्ली में बैठकर अपनी पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग की है. वो मंगलवार को ढाका में हुई आवामी लीग की वर्किंग कमेटी की बैठक में दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ी थीं. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. शेख हसीना ने कहा 'मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार हो जाइए, अब सबको अपने वतन लौटना होगा और सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा'. उन्होंने कहा 'बोरिया-बिस्तर बांध लो, अब देश लौटने और मैदान में उतरने का वक्त आ गया है'।बांग्लादेश चुनाव पर जमकर बरसीं पूर्व प्रधानमंत्री: शेख हसीना ऐसे वक्त में लौटने की बात कही है जब बांग्लादेश में उन्हें फांसी पर लटकाए जाने की सजा सुनाई जा चुकी है और उनकी पार्टी पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं. अपने बयान में हसीना ने हाल ही में हुए बांग्लादेश के चुनावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे एक मजाक बताया और दावा किया कि जनता ने वोटिंग का बहिष्कार किया था. उन्होंने कहा कि 60 परसेंट वोटिंग का आंकड़ा पूरी तरह फर्जी है क्योंकि चुनाव से पहले ही बैलेट बॉक्स भर दिए गए थे।
तारीक रहमान को दिया मैसेज:
हवहीं, चुनाव में आवामी लीग के साथ हुई नाइंसाफी पर शेख हसीना चीख पड़ी हैं. हाल ही में उन्होंने बांग्लादेश वापसी की तैयारी कर ली है. शेख हसीना ने दिल्ली में मीटिंग के बाद एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके बाद ढाका में हलचल तेज हो गई है.'अपने वतन लौटना होगा' : शेख हसीना: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्ली में बैठकर अपनी पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग की है. वो मंगलवार को ढाका में हुई आवामी लीग की वर्किंग कमेटी की बैठक में दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ी थीं. इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है. शेख हसीना ने कहा 'मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार हो जाइए, अब सबको अपने वतन लौटना होगा और सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा'. उन्होंने कहा 'बोरिया-बिस्तर बांध लो, अब देश लौटने और मैदान में उतरने का वक्त आ गया है'.
बांग्लादेश चुनाव पर जमकर बरसीं पूर्व प्रधानमंत्री
शेख हसीना ऐसे वक्त में लौटने की बात कही है जब बांग्लादेश में उन्हें फांसी पर लटकाए जाने की सजा सुनाई जा चुकी है और उनकी पार्टी पर कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं. अपने बयान में हसीना ने हाल ही में हुए बांग्लादेश के चुनावों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने इसे एक मजाक बताया और दावा किया कि जनता ने वोटिंग का बहिष्कार किया था. उन्होंने कहा कि 60 परसेंट वोटिंग का आंकड़ा पूरी तरह फर्जी है क्योंकि चुनाव से पहले ही बैलेट बॉक्स भर दिए गए थे.
तारीक रहमान को दिया मैसेज
हसीना ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और तारिक रहमान के प्रभाव वाली व्यवस्था को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने अपनी पार्टी पर लगी पाबंदी को 'अवैध' बताते हुए कहा कि यूनुस सरकार खुद गैर-कानूनी थी, इसलिए उनके आदेश भी मायने नहीं रखते. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आवामी लीग पर से बैन नहीं हटाया, तो पार्टी अपनी रणनीति खुद तय करेगी और कड़े कदम उठाएगी
हसीना के इस आत्मविश्वास ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है. राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या हसीना वाकई बांग्लादेश लौटने वाली हैं और क्या वहां एक बार फिर बड़े पैमाने पर हिंसा या आंदोलन की शुरुआत होने वाली है? सीना ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार और तारिक रहमान के प्रभाव वाली व्यवस्था को सीधी चुनौती दी है. उन्होंने अपनी पार्टी पर लगी पाबंदी को 'अवैध' बताते हुए कहा कि यूनुस सरकार खुद गैर-कानूनी थी, इसलिए उनके आदेश भी मायने नहीं रखते. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने आवामी लीग पर से बैन नहीं हटाया, तो पार्टी अपनी रणनीति खुद तय करेगी और कड़े कदम उठाएगी। हसीना के इस आत्मविश्वास ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है। राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज है कि क्या हसीना वाकई बांग्लादेश लौटने वाली हैं और क्या वहां एक बार फिर बड़े पैमाने पर हिंसा या आंदोलन की शुरुआत होने वाली है? ( बांग्लादेश बोर्डर से अशोक झा की रिपोर्ट )
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